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राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी, कौशांबी पुलिस ने दर्ज किया केस

टिकैत के मुताबिक, उन्हें एक व्यक्ति लगातार फोन करके धमकी दे रहा है। उन्होंने उसे समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका रवैया नहीं बदला तो पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई। बीते साल नवंबर माह में भी टिकैत को धमकी देने का मामला सामने आया था।

rakesh tikait, farmer protest, up police, Kaushambi, modi governmentकिसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो)

किसान नेता राकेश टिकैत को जान से मारने की धमकी देने पर यूपी के कौशांबी की पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि टिकैत को जिस नंबर से फोन आया उसे सर्विलांस पर लिया जा रहा है। जल्दी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले में बीकेयू कार्यकर्ता की शिकायत पर केस दर्ज किया है।

टिकैत के मुताबिक, उन्हें एक व्यक्ति लगातार फोन करके धमकी दे रहा है। उन्होंने उसे समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उसका रवैया नहीं बदला तो पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई। बीते साल नवंबर माह में भी टिकैत को धमकी देने का मामला सामने आया था। कौशांबी थाने में ही वह केस दर्ज कराया गया था। जांच में पता चला कि कॉल करने वाला बिहार से था।

इससे पहले 2 अप्रैल को टिकैत के काफिले पर राजस्थान में भीड़ ने हमला बोला था। यह हमला तब हुआ जब टिकैत अलवर के हरसौरा में सभा को संबोधित कर बानसूर जा रहे थे। इसी बीच ततारपुर में भीड़ ने टिकैत के काफिले पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में टिकैत की कार के शीशे टूट गए। इस दौरान असामाजिक तत्वों ने टिकैत पर स्याही भी फेंकी। पुलिस ने सुरक्षा घेरे में टिकैत को वहां से निकाल लिया। पुलिस सुरक्षा के बीच ही टिकैत को वहां से बानसूर पहुंचाया गया है।

उस समय इस हमले को लेकर किसान आंदोलन के मंच से बीजेपी को जिम्मेदार ठराया गया था। किसान नेताओं ने कहा था कि हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। बीजेपी पर इस हमले के आरोप लगाते हुये कहा गया कि राजस्थान में भी बीजेपी की हालत हरियाणा और पंजाब जैसी की जाएगी।

गौरतलब है कि टिकैत इस समय किसान आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा हैं। वह सारे देश में घूमतर किसानों को एक झंडे के नीचे लाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी को उनका यह रवैया रास नहीं आ रहा है। टिकैत का कहना है कि चाहे देश में लॉतडाउन लग जाए पर आंदोलन खत्म नहीं होने वाला है। उनका दावा है कि किसान अपना हक लिए बगैर वापस नहीं होंगे। सरकार को पहले तीनों काले कानून वापस लेकर एमएसपी पर कानून बनाना होगा। तभी किसानों की घर वापसी होगी।

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