Ram Mandir Donation Controversy: एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक रैली को संबोधित करते हुए हैदराबाद के सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राम मंदि ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता, तो सरकार अब तक उसका एनकाउंटर कर देती और उस घर बुलडोजर से गिरा देती।

बिजनौर में ओवैसी ने कहा, “अगर ट्रस्ट में गलती हो गई, अगर उस ट्रस्ट में तुम एक मुसलमान को मेंबर बना लेते। बाद में जब ये घोटाला सामने आया तो तुम उस मुसलमान को ले जाकर उसका एनकाउंटर कर देते। बुलडोजर से उसका घर तोड़ देते, केस क्लोज।”

ओवैसी ने चंपत राय पर भी साधा निशाना

एआईएमआईएम प्रमुख श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा। ओवैसी ने कहा, “चंपत तो अभी मजे में है। आप बताइए क्या हो रहा है। किसका घर नहीं तोड़ा जा रहा है, जिनको गिरफ्तार किया गया उनकी पुलिस कस्टडी भी नहीं ली जाती है। अब शायद मेरे बोलने के कल पुलिस कस्टडी ले लेगी। बताओ आज उत्तर प्रदेश में क्या हो रहा है।”

राम मंदिर के दान चोरी मामले से सियासी विवाद खड़ा हो गया है। इसमें विपक्षी दल योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोल रहे हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

इस मामले में आठ आरोपी गिरफ्तार

25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में आठ व्यक्तियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम शामिल है। ये सभी राम मंदिर में दान गिनने वाले कर्मचारी हैं और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। कई अज्ञात व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है।

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। एक याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि रजिस्ट्री में एक पत्र जमा करें जिसमें मामले की तत्काल सुनवाई की जरूरत का जिक्र किया जाए। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…