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नोटबंदी के बाद बजट 2017: कालेधन-भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए कारगर साबित हो सकते हैं ये कदम

मोदी सरकार को नोटबंदी के सकारात्मक असर को बनाए रखने और लोगों की बेहतरी के लिए काफी कारगर साबित हो सकते हैं ये कदम।

बजट 2016 पेश करने के लिए संसद में जाते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली। (Express photo/Ravi Kanojia/File)

2017 का आम बजट 1 फरवरी को पेश कर दिया जाएग। वहीं 8 नवंबर 2016 को केंद्र सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अहम लड़ाई बताते हुए नोटबंदी की घोषणा की थी। वहीं आगामी बजट में क्या खास होगा यह तो समय आने पर ही पता लगेगा लेकिन एक्सपर्ट्स की राय के मुताबिक कुछ ऐसे अहम फैसले हैं जो मोदी सरकार को नोटबंदी के सकारात्मक असर को बनाए रखने और लोगों की बेहतरी के लिए काफी कारगर साबित हो सकते हैं। जानते हैं उनके बारे में।

पार्टियों की फंडिंग- कई एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि नोटबंदी के प्रभाव को बनाए रखने और भ्रष्टाचार को खत्म करने में राजनीतिक दलों की फंडिंग को पारदर्शी बनाना जरूरी है। चुनाव की फंडिंग और राजनीतिक दलों के खर्चे और उन्हें दिए गए डोनेशन्स में काफी तादाद में कालेधन का इस्तेमाल होता है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि नेतओं और दलों को कैश में भुगतान मिलने की सुविधा पर लगाम लगाई जानी चाहिए।

रियल एस्टेट- इस सेक्टर में भी कालेधन का काफी इस्तेमाल होता है। लोग कई तरह के टैक्स बचाने की कोशिश में कैश में पेमेंट्स करते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक कानून तैयार किया जाए जिससे इस सेक्टर में कैश का फ्लो कम हो सके। वहीं इस काम के लिए स्टैंप ड्यूटी को कुछ हद कम करके भी किया जा सकता है।

सोना- नोटबंदी के बाद कई खबरें सामने आई थीं जिनमें कहा गया कि कई लोग अपना कालाधन खपाने की कोशिश में सोने में निवेश कर रहे हैं। सोने का भाव नोटबंदी के बाद लगभग 50 रुपये प्रतितोला तक पहुंच गया था। ऐसे में एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि सोने की कैश के जरिए खरीद पर एक रकम सीमा के बाद बैन लगना चाहिए ताकी पारदर्षिता बनी रहे।

बड़ी रकम के करेंसी नोट- नोटबंदी के बाद नए नोट लाने से पुराने नोटों के रूप में रखा हुआ कालाधन बेकार हो चुका है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोबारा ऐसा कालाधन न जमा हो सके इसलिए बड़ी रकम के करेंसी नोटों की एक लीमिट तय की जानी चाहिए। ऐसा नहीं करने पर सरकार के कैशलेस इकॉनमी की कोशिश नाकाम भी हो सकती है।

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