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ज्ञानवापी: साध्‍वी कंचन गिरी बोलीं- आदिकाल इतिहास गवाह कोई साईं नहीं था, कोई सिख नहीं थे, कोई मुस्लिम नहीं था, बस सनातान धर्म ही था

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर साध्वी कंचन ने कहा कि अगर हिंदुओं की धरोहर को तोड़कर मस्जिद बना दी गई, तो क्या हम उसको वापस नहीं ले सकते। हमारी मूर्तियां के सर्वे को क्यों रोका जा रहा है, क्योंकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

Gyanvapi Masjid|Gyanvapi Mosque|Sadhvi Kanchan
ज्ञानव्यापी मस्जिद (Photo Credit- Wikimedia Commons)

ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच सियासत गरमाती जा रही है। एक के बाद एक नए बयान सामने आ रहे हैं। अब साध्वी कंचन ने बड़ा दावा किया है, उन्होंने कहा कि आदिकाल इतिहास गवाह है कि बस सनातन धर्म था, न कोई साईं था और न कोई सिख थे।

टीवी चैनल आज तक की एक डिबेट में साध्वी कंचन ने कहा कि उच्च न्यायालय का सम्मान करना चाहिए। आदिकाल इतिहास गवाह है, कोई सांई नहीं था, कोई सिख नहीं थे, कोई मुस्लिम नहीं था, बस सनातानी थे। अगर उसकी धरोहर छीन ली गई है, अगर उसकी धरोहर को तोड़कर मस्जिद बना दी गई तो क्या हम उसको वापस नहीं ले सकते हैं क्या। हमारी मूर्तियां हैं उनके सर्वे को क्यों रोका जा रहा है, क्योंकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ये लोग रोक रहे हैं।

समाजवादी पार्टी को मुसलमानों की पार्टी करार देते हुए उन्होंने कहा कि इनके शासन में मुलायम सिंह क्यों गए थे हज के लिए। इनके शासन में हज हाउस बनाया गया लेकिन मानसरोवर यात्रा के लिए क्या किया, कार सेवकों के ऊपर गोलियां चलीं और लाखों लोगों की खून की नदियां बहीं। कितने बच्चे मारे गए, तब कहां थी वो सरकार, जिसने कहा कि हम आपके साथ हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के लिए एक टीम वहां जाएगी। पांच महिलाओं द्वारा एक याचिका दायर करने के बाद ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर सियासत गरमाती जा रही है। याचिकार्ताओं ने यहां “श्रृंगार गौरी मंदिर” होने का दावा करते हुए वहां पूजा की इजाजत की मांग की है।

इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सर्वे के निर्देश दिए थे, जिसके बाद सर्वे शुरू भी हुआ, लेकिन भारी हंगामे के कारण उसे बीच में ही रोकना पड़ा। मुस्लिम पक्ष इसका विरोध कर रहा है। हालांकि कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिर से सर्वे के निर्देश दिए हैं। वहीं, अंजुमन ए इंतेजामिया मस्जिद कमिटी ने इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

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