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अर्चना डालमिया का बुजुर्ग नेताओं को झटका, कहा- गांधी के अलावा कोई कांग्रेस अध्यक्ष देश में स्वीकार्य नहीं

उधर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है- कुछ लोगों ने सोनिया गांधी को खत लिखा और कहा कि वह किसी और के लिए पद छोड़ दें। कांग्रेस डूबने के लिए बाध्य है। दुनिया में कोई भी ताकत उसे नहीं बचा सकती है।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली/अमृतसर | Updated: August 23, 2020 8:59 PM
Congress, INC, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, Gandhi Family, Archana Dalmiaअर्चना डालमिया से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती देने वाले पार्टी के कुछ नेताओं के कदमों का विरोध किया है। (फाइल फोटो)

Congress में नेतृत्व पर घमासान के बीच पार्टी की ग्रीविएंस सेल की चेयरपर्सन अर्चना डालमिया ने दल के बुजुर्ग नेताओं को झटका दिया है। रविवार को उन्होंने कहा है कि गांधी परिवार के अलावा कोई कांग्रेस अध्यक्ष देश भर में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस इस वक्त शिथिल है, इसका मतलब यह नहीं कि गांधी परिवार का इसके विकास में योगदान गिना नहीं जाएगा। कांग्रेस फिर से उभरेगी। और, ये गांधी परिवार की लीडरशिप में होगा। पार्टी को विभाजित और अस्थिर करने वाला कोई भी कदम तानाशाही ताकतों को फायदा पहुंचाएगा।”

बकौल डालमिया, “गांधी परिवार के अलावा और ‘कोई विकल्प है ही नहीं’…मैं फिर दोहराती हूं कि जो गांधी परिवार देश भर में स्वीकार किया जाता है, उसका कोई अल्टरनेटिव नहीं है!” डालमिया ने ये बातें जिस ट्वीट में लिखीं, उसमें उन्होंने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी टैग किया था।

दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती देने वाले पार्टी के कुछ नेताओं के कदमों का विरोध किया है। रविवार को उन्होंने कहा है कि इस तरह का मुद्दा उठाने का यह समय नहीं है। सिंह ने एक बयान में कहा कि देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बर्बाद कर रहे भाजपा नीत राजग के खिलाफ आज मजबूत विपक्ष की जरूरत है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मजबूत और एकजुट विपक्ष के नहीं रहने के कारण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को सफलता मिली। सिंह ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण समय में पार्टी में बदलाव की मांग करने वाले कांग्रेस के इन नेताओं का कदम पार्टी के हितों और राष्ट्र के हितों के लिए हानिकारक होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो केवल कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि समूची पार्टी, समस्त कार्यकर्ताओं और देश के लिए स्वीकार्य हो ।’’ साथ ही कहा कि गांधी परिवार इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी जब तक चाहती हैं उन्हें कांग्रेस का नेतृत्व करना चाहिए।’’ इसके बाद राहुल गांधी को पद की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए क्योंकि वह पार्टी का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह योग्य हैं। बता दें कि कांग्रेस की सोमवार को कार्यसमिति की हो रही बैठक के पहले पार्टी के भीतर से अलग-अलग स्वर सामने आए हैं। पूर्व मंत्रियों समेत कुछ कांग्रेसी नेताओं ने संगठन में फेरबदल और नेतृत्व में बदलाव के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है।

कांग्रेस नेताओं का पत्र दुर्भाग्यपूर्ण- गहलोतः इसी बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि गांधी परिवार ने पार्टी को एकजुट रखा है और पार्टी नेतृत्व को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लिखा गया पत्र एक दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि उन नेताओं ने पार्टी के साथ लंबे समय तक काम किया है और उनसे यह उम्मीद नहीं थी जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने ऐसा पत्र लिखा है।

गहलोत ने ‘पीटीआई—भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे इस तरह के किसी पत्र के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन यदि यह सच है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इन सभी लोगों ने पार्टी के साथ लंबे समय तक काम किया है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की बागडोर 1998 में संभाली और सभी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने पार्टी को एकजुट रखा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘वह 1998 में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पार्टी अध्यक्ष बनीं और पार्टी की रक्षक बनी रही हैं। आज स्वास्थ्य ठीक नहीं होने बावजूद उन्होंने ‘कांग्रेस कुनबा’ (पार्टी) को एक जुट बनाये रखा है। क्या यह कम बात है? (भाषा इनपुट्स के साथ)

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