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‘भारत में अब तक कोरोना से 34 से 49 लाख मौत होने की आशंका’

एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में कोरोना के कारण आधिकारिक आंकड़ों की अपेक्षा लाखों अधिक लोगों की मौत हुई होगी।

नई दिल्ली | Updated: July 22, 2021 10:10 AM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (Pixabay.com)

एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में कोरोना के कारण आधिकारिक आंकड़ों की अपेक्षा लाखों अधिक लोगों की मौत हुई होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान कोविड महामारी के दौरान 34 से 49 लाख अतिरिक्त मौतें होने की आशंका है। यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई। इस रिपोर्ट को भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम, अमेरिकी थिंक-टैंक सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट के जस्टिन सैंडफुर और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अभिषेक आनंद द्वारा तैयार की गई है।

रिपोर्ट के लेखकों ने कहा, ‘‘… लेकिन सभी अनुमान बताते हैं कि महामारी से मरने वालों की संख्या 400,000 की आधिकारिक संख्या से काफी अधिक हो सकती है।’ उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौतों की वास्तविक संख्या के लाखों में होने का अनुमान है और यह विभाजन व आजादी के बाद से भारत की सबसे खराब मानव त्रासदी है। उनका अनुमान है कि जनवरी 2020 से जून 2021 के बीच 34 से 49 लाख लोगों की मौत हुई है। भारत के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मृतकों की कुल संख्या बुधवार को 4.18 लाख थी। रिपोर्ट के अनुसार भारत में कोविड से मरने वालों की संख्या को लेकर आधिकारिक अनुमान नहीं है और इसके मद्देनजर शोधकर्ताओं ने महामारी की शुरुआत से इस साल जून तक तीन अलग-अलग स्रोतों से मृत्यु दर का अनुमान लगाया। पहला अनुमान सात राज्यों में मौतों के राज्य स्तरीय पंजीकरण से लगाया गया जिससे 34 लाख अतिरिक्त मौतों का पता लगता है।
इसके अलावा शोधकर्ताओं ने आयु-विशिष्ट संक्रमण मृत्यु दर (आइएफआर) के अंतरराष्ट्रीय अनुमानों का भी प्रयोग किया। शोधकर्ताओं ने उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वेक्षण (सीपीएचएस) के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया, जो सभी राज्यों में 800,000 से अधिक लोगों के बीच का सर्वेक्षण है। इससे 49 लाख अतिरिक्त मौतों का अनुमान है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि वे किसी एक अनुमान का समर्थन नहीं करते क्योंकि प्रत्येक में गुण और कमियां हैं। भारत अब भी विनाशकारी दूसरी लहर से उबर रहा है जो मार्च में शुरू हुई थी और माना जाता है कि अधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप के कारण भारत में स्थिति खराब हुई। विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि जितना समझा जाता है, पहली लहर उससे कहीं ज्यादा घातक थी। इस साल मार्च के अंत तक, जब दूसरी लहर शुरू हुई, भारत में मरने वालों की आधिकारिक संख्या 1,50,000 से अधिक थी।

50 लाख भारतीयों की हुई मौत : राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के ‘गलत फैसलों’ के कारण कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान लगभग 50 लाख भारतीयों की मौत हुई। गांधी ने अपने ट्विटर हैंडल पर ‘सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट’ द्वारा एक नया अध्ययन साझा किया, जिसमें महामारी की शुरुआत से जून 2021 तक तीन अलग-अलग डेटा स्रोतों से अधिक मृत्यु दर का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने अध्ययन साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘सच्चाई। कोविड की दूसरी लहर के दौरान भारत सरकार के गलत फैसलों ने हमारी 50 लाख बहनों, भाइयों, माताओं और पिताओं की जान ले ली।’ गांधी ने एक अन्य ट्वीट में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वालों को केंद्र सरकार द्वारा कोई मुआवजा नहीं देने की बात कही। उन्होंने हैशटैग ‘फार्मर्स प्रोटेस्ट’ का इस्तेमाल करते हुए कहा, ‘अपनों को खोने वालों के आंसुओं में सब रिकॉर्ड है।’

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