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दूसरे चैनलों पर हैं सैकड़ों शिकायतें, न हुआ कोई ऐक्शन या गिरफ्तार, पर Republic के पत्रकार किए जा रहे अरेस्ट- चीख-चीख कर पीड़ा बयां करने अर्णब

मुंबई पुलिस कि इस कार्यवाही को लेकर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी खुश नहीं है। अर्णब ने पुलिस पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | December 14, 2020 1:27 PM
arnab goswamiरिपब्लिक टीवी ने हाई कोर्ट में दी अर्जी।

फर्जी टीआरपी मामले में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खानचंदानी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसके बाद रविवार को अदालत ने उन्हें दो दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुंबई पुलिस कि इस कार्यवाही को लेकर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी खुश नहीं है। अर्णब ने पुलिस पर भेदभाव करने का आरोप लगाया है।

अपने सीईओ की गिरफ्तारी पर अर्णब लाइवे टीवी डिबेट में नाराज़ होते नज़र आए। अर्णब ने आरोप लगाया कि दूसरे चैनलों पर हैं सैकड़ों शिकायतें हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। न ही अबतक कोई गिरफ्तारी की गई है। लेकिन रिपब्लिक टीवी के पत्रकारों को गिरफ्तार किया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है।

अर्नब ने कहा कि ये मामला TRAI के अंतरगत आता है। सरकार को यह साफ करना चाहिओए कि क्या यह मामला TRAI के अंतरगत आता है और अगर आता है तो यह क्या चल रहा है। मुंबई पुलिस इसमें क्या कर रही है। अर्नब ने कहा कि “हमारे साथ पूरा देश है तो हम कैसे झुक सकते हैं? उद्धव ठाकरे सरकार मुझे एक संदेश भेजने की कोशिश कर रही है। वह चाहते हैं कि हम मुंबई छोड़ दें। वह चाहते हैं कि हम महाराष्ट्र से प्रसारण न करें। मैं उद्धव ठाकरे से आज यह कहना चाहता हूं कि मैं महाराष्ट्र नहीं छोड़ूंगा। ‘मुंबई माझी कर्मभूमीआहे’ (मुंबई मेरी कर्म भूमि है)।

अर्नब ने कहा “मैंने रिपब्लिक को लॉन्च करने के लिए उनकी अनुमति नहीं ली। मैंने अपना आधा जीवन महाराष्ट्र में बीता दिया। हम महाराष्ट्र और मुंबई होने का गर्व महसूस कर रहे हैं। यह एकमात्र राष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क है जो मुंबई से चल रहा है। आप क्या संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं? हम महाराष्ट्र से बाहर नहीं जाएंगे। कानून हमारी तरफ है। न्याय की तरफ है।”

विकास की गिरफ्तारी पर अर्नब गोस्वामी ने कहा, “मैं देश के लोगों से मुंबई पुलिस के इन तरीकों के खिलाफ आवाज़ उठाने का अनुरोध कर रहा हूं। हम इस पूरे मामले को कानूनी तौर पर लड़ रहे हैं। अब मैं आपको बताता हूं कि यह एक अवैध गिरफ्तारी क्यों है क्योंकि कोई कागज़ात नहीं दिए गए थे। उनकी अग्रिम सुनवाई कल की है। यह पता चल गया है कि उनकी टीआरपी केस की जांच बेकार चली गई है इसलिए अब उस मामले को उठा रहे हैं जो भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के दायरे में हैं। यह अवैध और बेवकूफी है।”

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