ताज़ा खबर
 

जब वाजपेयी पीएम थे तो पीओके में 14 किमी घुस कर भारत ने की थी सर्जिकल स्‍ट्राइक: अरुण शौरी

सेना ने तब वहां मौजूद हर पाकिस्तानी सैनिक को मौत के घाट उतार दिया था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वाजपेजी शासन में भी की गई थी सर्जिकल स्ट्राइक। (फाइल फोटो)

 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे अरुण शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर नया खुलासा किया है। शौरी के अनुसार मोदी शासनकाल से पहले भी एनडीए-1 के शासनकाल में सर्जिकल स्ट्राइक की जा जुकी है। तत्कालीन वाजयेपी सरकार में भारतीय सेना ने एलओसी के पार जाकर एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। शौरी ने कहा कि ये सर्जिकल स्ट्राइक पिछले साल सितंबर में की गई सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से भी बड़ी थी, जिसमें 10-15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। द प्रिंट के ऑफ द कट (ओटीसी) इवेंट में शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े कई राज खोले। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से दस दिन पहले तत्कालीन पाकिस्तानी जनरल परवेज मुशर्रफ भारतीय सेना पर हमला करवाया था। इवेंट में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने कहा, ‘मैं आपको निजी अनुभव के आधार पर सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी कुछ बातें बताऊंगा इस वक्त हमारी सरकार कहती है कि सर्जिकल स्ट्राइक में सेना दो किलोमीटर तक दुश्मन के खेमे में चली गई थी। लेकिन अटल जी की सरकार में इससे अलग हुआ था। तब हमारी सेना 14 किलोमीटर दुश्मन के खेमे में घुसकर दहाड़ी थी।’ सूत्रों के अनुसार शौरी ने ये बात प्रिंट के संपादक शेखर गुप्ता से बातचीत के दौरान कही।

अरुण शौरी ने आगे बताया कि तब हमारी सेना शवों को भी उठाकर ले आई थी। कई अहम दस्तावेज भी हमारे हाथ लगे। सेना ने तब वहां मौजूद हर पाकिस्तानी सैनिक को मौत के घाट उतार दिया था। करीब 10-15 पाकिस्तान सैनिकों को हमारी सेना ने खत्म किया। जिसमें सरकार के कहने पर सात शवों को भारत लाया गया। जबकि मुशर्रफ कुछ दिन पहले ही इस पोस्ट पर आए थे।

बाद में उन दस्तावेजों से कई खुलासे हुए। जैसे आसपास की हर पोस्ट पर गेस्ट के आने-जाने की जानकारी इन दस्तावेजों में थी। इस दौरान शौरी ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार हाल में की गई सर्जिकल स्ट्राइक का बखान कर रही है जबकि एनडीए-1 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कभी किसी को नहीं बताया गया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App