कांग्रेस ने उत्तराखंड को लेकर केंद्र सरकार को दी चेतावनी

कांगे्रस नेता कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि यदि केंद्र एक अपै्रल के बाद उत्तराखंड के सरकारी खर्चों को अधिकृत करने के लिए कोई अध्यादेश लाता है तो पार्टी अदालत जाएगी।

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कांगे्रस नेता कपिल सिब्बल

कांगे्रस नेता कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि यदि केंद्र एक अपै्रल के बाद उत्तराखंड के सरकारी खर्चों को अधिकृत करने के लिए कोई अध्यादेश लाता है तो पार्टी अदालत जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सिब्बल ने कहा कि इस तरह का कोई अध्यादेश लाया जाना असंवैधानिक और अभूतपूर्व होगा।

उन्होंने केंद्र पर संसदीय लोकतंत्र और संविधान की परवाह नहीं करने का आरोप लगाया। वित्त मंत्री और वरिष्ठ वकील अरुण जेटली को आडेÞ हाथ लेते हुए सिब्बल ने कहा कि जेटली को बधाई देनी चाहिए। यह उनको दिया जाने वाला पहला श्रेय है। केंद्र सरकार यह तय करेगी कि क्या एक विधानसभा में बजट पास होगा या नहीं।
कांगे्रस नेता ने दावा किया कि बजट को उत्तराखंड विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी इसकी घोषणा कर दी है। इसके खिलाफ किसी अदालत में कोई याचिका भी नहीं है और कोई भी आदमी अदालत में भी नहीं गया है।

भाजपा और केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे किसी भी तरह यह साबित करना चाहते हैं कि बजट उत्तराखंड विधानसभा में पारित नहीं हुआ है। उन्होंने केंद्र पर राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए राजनीतिक खेल खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने संविधान की शपथ ली है और इसे तार -तार कर रहे हैं।
सिब्बल ने कहा कि संसद के बजट सत्र का सत्रावसान करना ताकि इस प्रकार का अध्यादेश जारी करने में सरकार सक्षम हो सके, उसी खेल का अंग है। कांगे्रस नेता ने कहा कि उन्हें डर है कि यदि वे इस मामले में संसद में विधेयक लाए तो वह गिर जाएगा। कांगे्रस पहले ही केंद्र पर उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाकर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगा चुकी है।

संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा था, राज्य में एक ऐसी स्थिति तैयार हो गई है जिसमें संवैधानिक संकट है और राज्य का विनियोग विधेयक पारित नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा था कि यदि विनियोग विधेयक पारित नहीं हुए तो राज्य के कर्मचारी एक अपै्रल से वेतन नहीं ले पाएंगे और राज्य का विकास रुक जाएगा।

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