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मुंबई हमला: फांसी से एक दिन पहले अफसर से क्‍या बोला था अजमल कसाब, जानिए

'करीब डेढ़ महीने बीतने के बाद एक दिन अचानक उसमें बड़ा बदलाव दिखा। कसाब ने कहा उसे उसके अपराध के लिए भारत का कानून मौत की सजा नहीं दे सकता। इतना ही नहीं कसाब ने अफजल गुरु का उदाहरण भी दिया।'

मुम्बई हमले के दौरान आतंकी कसाब (फोटो सोर्स : Indian Express)

मुम्बई हमले को एक दशक बीतने को है। इस आतंकी हमले को लश्कर ए तैयबा के 10 आतंकियों ने अंजाम दिया था। हमले में करीब 164 बेगुनाहों की मौत हुई थी। इस हमले ने पूरे देश को जख्मी कर दिया था। हमले को अंजाम देने वाले 10 में से 9 आतंकी मार दिए गए थे। इनमें से केवल एक आतंकी जिंदा पकड़ा गया था। वो था अजमल आतंकी कसाब। करीब 6 साल पहले फांसी पर लटकाए गए कसाब को लेकर एक खुलासा हुआ है। यह खुलासा आतंकी हमले के मुख्य जांच अधिकारी ने किया है।

एचटी की खबर के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (सेवानिवृत्त) रमेश महाले ने बताया है कि आतंकी कसाब ने फांसी से एक दिन पहले क्या बोला था। महाले ने कहा, 2012 में कसाब को दी गई फांसी से पहले उसने कहा था कि, ‘आप जीत गए हम हार गए।’ कसाब आर्थर रोड जेल में खास बनाए गए बुलेटप्रूफ, हाई सिक्योरिटी में शिफ्ट होने से पहले लगभग 81 दिन क्राइम ब्रांच की हिरासत में था। कसाब पर करीब 80 धाराएं लगाई गई थीं। इनमें से एक धारा भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ना भी थी।

महाले ने ही सबसे पहले कसाब से पूछताछ की थी। महाले ने बताया डेथ वारेंट के आने से पहले कसाब को लग रहा था कि वह भारत के कानून के मुताबिक बच जाएगा। आतंकी कसाब ने महाले को अपनी बातों के जाल में फंसाने की कोशिश की। लेकिन महाले को समझ आ गया कि कसाब उसकी कड़ी पूछताछ में भी टूटेगा नहीं। कसाब को तोड़ने के लिए महाले ने एक अलग ही तरीक अपनाया। उन्होंने उसे वहीं रखा लेकिन आराम और कम्फर्ट से। इसके बाद उसके खुद टूटने का इंतजार किया गया।

महाले ने बताया कि, ‘करीब डेढ़ महीने बीतने के बाद एक दिन अचानक उसमें बड़ा बदलाव दिखा। कसाब ने कहा उसे उसके अपराध के लिए भारत का कानून मौत की सजा नहीं दे सकता। इतना ही नहीं कसाब ने संसद भवन पर हुए हमले के आरोपी अफजल गुरु का उदाहरण दिया। फांसी की सजा सुनाए जाने के 8 साल तक वह जिंदा रहा था। इतना बोलकर वह चुप हो गया।’  11 नवंबर 2012 को स्पेशल कोर्ट ने कसाव का डेथ वारंट जारी किया था।

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