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15 हजार से ज्‍यादा सैलरी वालों को भी मिलेंगी पेंशन, नियम बदलने जा रही मोदी सरकार

केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट में इस योजना का ऐलान किया था। बताया गया था कि इस योजना से असंगठित क्षेत्र के 100 मिलियन मजदूर लाभान्वित होंगे।

सरकार बढ़ाएगी लाभार्थियों की संख्या (फोटो सोर्स : Indian Express)

केंद्र सरकार अब एक और बड़ी राहत देने जा रही है। बजट में पेश की गई मेगा पेंशन योजना के मानकों को सरकार और लचीला बनाने जा रही है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी को प्रधानमंत्री श्रम गोगी मानधान योजना का ऐलान किया था। इसमें कहा गया था कि जो भी 15 हजार रुपए या उससे कम कमाता है, उसे पेंशन दी जाएगी। अब कहा जा रहा है कि सरकार लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए 15 हजार से ज्यादा महीना कमाने वालों को भी पेंशन देगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट में इस योजना का ऐलान किया था। बताया गया था कि इस योजना से असंगठित क्षेत्र के 100 मिलियन मजदूर लाभान्वित होंगे। इसमें घरेलू काम में मदद करने वाले, ठेला लगाने वाले, रिक्शा चालक और खेत मजदूर शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट पेश हुई प्रधानमंत्री श्रम गोगी मानधान योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कर्मियों के लिए 100 रुपए प्रति माह के योगदान पर 60 वर्ष की आयु के बाद 3000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी। साथ ही बताया गया था कि असंगठित क्षेत्र के हर कर्मी के लिए सरकार भी 100 रुपए का योगदान मुहैया कराएगी। इससे आने वाले पांच साल में 10 करोड़ कर्मियो लाभान्वित होने की उम्मीद है। बजट पेश करने के दौरान गोयल ने यह कहते हुए उम्मीद जताई थी कि, यह योजना आगामी पांच साल में असंगठित क्षेत्र के लिए विश्व की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन सकती है।

सरकार द्वारा बजट में लाई गई यह योजना सीमित लोगों (15 हजार रुपए महीना कमाने वाले) के लिए ही थी। लेकिन बाद में विचार करने पर पाया गया कि योजना से बहुत से ऐसे लोग बाहर रहेंगे, जिनकी मासिक कमाई कुछ फायदों के चलते 15 हजार पार कर जाएगी। इस नाते सरकार अब इस बिंदु पर विचार कर रही है। संभावना है कि सरकार इस योजना को लांच करने से पहले इसमें सुधार कर लेगी।

 

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