समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की टीमें ज़मीन पर जाकर चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम कर रही हैं और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने की कोशिश की जा रही है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अब कोई निष्पक्ष संस्था नहीं रह गया है, बल्कि वह बीजेपी का आयोग बन चुका है और लंबे समय से लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव आयोग की भूमिका काफ़ी विवादित रही है।

इसके बाद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उनके मुताबिक, सरकार ने समय के साथ जनता को पूरी तरह निराश कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो आख़िरी बजट पेश किया जाएगा, उसमें भी जनता के लिए किसी तरह की उम्मीद नहीं है।

अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जेलों से कैदियों को समय-समय पर भगाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ कैदियों को अगर नेपाल भेज दिया जाए, तो वे वहां से भी वापस देश लौट आते हैं। इससे पहले सपा प्रमुख ने घूंसखोर पंडित फिल्म को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने लिखा था कि भाजपा हमेशा से ये षड्यंत्र करती है कि वो किसी समाज के कुछ लोगों का दुरुपयोग, उसी समाज के ख़िलाफ़ करती है। इससे वो किसी समाज विशेष को लक्षित, चिन्हित, टारगेट करके ‘अपमानित-आरोपित’ करती है। भाजपा कभी ये काम बयानबाज़ी से करती है और कभी बैठकों पर नोटिस देकर, कभी अपना पैसा लगाकर विज्ञापन, प्रचार सामग्री या फ़िल्म बनवाकर। और जब विवाद बढ़ जाता है तो गिरगिट की तरह रंग बदलकर घड़ियाली आँसू बहाती है और दिखावे के लिए सामने आकर झूठी कार्रवाई का नाटक करती है। सच तो ये है कि वो टारगेट किये हुए समाज विशेष को अपमानित-उत्पीड़ित देखकर मन-ही-मन बहुत ख़ुश होती है।