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20,000 रुपये से ज्यादा का होटल बिल, 50 हजार का बीमा प्रीमियम भरा है तो आप पर हो सकती है IT की नजर, देखें- राडार पर ट्रांजैक्शंस की पूरी लिस्ट

अगर आप अब 20 हजार रुपये से ज्यादा के इश्योरेंस प्रीमियम या होटल बिल का भुगतान करने या जीवन बीमा पर 50,000 रुपये से ज्यादा का खर्च करने पर या 1 लाख रुपए से ज्यादा का स्कूल फीस भरने पर जो भुगतान आपने किया है उसको इन मदों में हुए लेन-देन की जानकारी सरकार को देनी होगी।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: August 14, 2020 11:14 AM
New tax scheme, Income Tax, Narendra Modi, Tax, Tax policy, Income tax officerअब इन लेन-देन की जानकारी सरकार को देनी होगी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आयकर विभाग ने योग्य वित्तीय लेनदेन की सूची का विस्तार करने की योजना बनाई है। अब अगर आप 20,000 रुपये से ज्यादा का होटल बिल, 50 हजार का बीमा प्रीमियम भरा है तो आप पर आयकर विभाग की नज़र हो सकती है। इसी के साथ सरकार ने कर सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए करदाता चार्टर लागू करने की घोषणा की है।

इस सूची में आयकर विभाग ने 20,000 रुपये से अधिक होटल भुगतान, 50,000 रुपये से अधिक जीवन बीमा प्रीमियम भुगतान के अलावा, स्कूल/कॉलेज की फीस में 1 लाख रुपये से अधिक का दान और भुगतान, विदेश यात्रा, व्हाइट गुड पर्चेज, घरेलू बिजनेस क्लास हवाई यात्रा, 1 लाख रुपये से अधिक का आभूषण और पेंटिंग खरीदना, 20,000 रुपये से अधिक स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान और बैंक लॉकर को भी स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस (SFT) की सूची में शामिल किया जाएगा।

इसका मतलब है कि अगर आप अब 20 हजार रुपये से ज्यादा के इश्योरेंस प्रीमियम या होटल बिल का भुगतान करने या जीवन बीमा पर 50,000 रुपये से ज्यादा का खर्च करने पर या 1 लाख रुपए से ज्यादा का स्कूल फीस भरने पर जो भुगतान आपने किया है उसको इन मदों में हुए लेन-देन की जानकारी सरकार को देनी होगी।

नया प्रस्ताव उस दिन रिवील किया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईमानदारी से कर चुकाने वालों के लिए ‘पारदर्शी कराधान – ईमानदार का सम्मान’ नामक एक मंच का शुभारंभ किया।

MyGovIndia द्वारा जारी एक ट्वीट में कहा गया है कि ये उपाय कर आधार को व्यापक बनाने, बेहतर अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। एक अधिकारी ने कहा “ये प्रस्तावित उपाय हैं, अभी तक लागू नहीं हुए हैं।”

प्रस्तावित के मुताबिक अब अगर आप कोई प्रॉपर्टी टैक्स चुकाते हैं, व्हाइट गुड खरीदते हैं या मेडिकल या लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और होटल बिल का भुगतान करते हैं तो बिलर को इसके बारे में सरकार को बताना होगा और आपके सारे खर्चों को Form 26AS में दर्ज किया जाएगा।

इनमें से कुछ बातों की घोषण यूनियन बजट में पहले ही की गई थी या फिर इनकम टैक्स रिटर्न के जरिए इन पर नजर रखी जा रही थी। लेकिन अब इसके औपचारिक कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। वर्तमान स्थितियों में 30 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति खऱीद, शेयरों में किया गया 10 लाख रुपये का निवेश, म्यूचुअल फंड, डीमैट, क्रेडिट कार्ड और फिक्स डिपॉजिट के जरिए किये गये 10 लाख रुपए से ज्यादा के लेन-देन की सूचना देनी होती है।

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