स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में सरकारी अस्‍पतालों का हाल: न एक भी सर्जन और न कोई डिलीवरी कराने वाला डॉक्‍टर

डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन छोड़कर बाकी मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। रोजाना चार सौ के पार की ओपीडी सेवाएं होती है।

Smriti Irani
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में 44 सरकारी अस्पताल खुले हैं, लेकिन ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ही नहीं है। (फोटो-PTI)

अमेठी: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में 44 सरकारी अस्पताल खुले हैं, लेकिन ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर ही नहीं है। वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ऑपरेशन का सामान्य खर्च 50 हजार रुपए से कम नहीं आता है।

अमेठी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष दुबे ने बताया है कि अमेठी में 17 सर्जरी विशेषज्ञ के पद बहुत लंबें समय से खाली पड़े हैं। जिससे अस्पतालों में सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। करीब तीस लाख के आसपास की आबादी वाले जिले में एक भी प्रसूति रोग विशेषज्ञ नहीं है।

ऐसे में महिला मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में या निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता हैं। दुबे ने बताया कि सर्जरी विशेषज्ञ और प्रसूति रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए निदेशालय को पत्र व्यवहार के साथ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी अनुरोध पत्र दिया गया था। लेकिन एक भी तैनाती नहीं हुई। बाकी ओपीडी सेवाएं बराबर चल रही है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के अपर सचिव विजय गुप्ता ने बताया कि अमेठी जनपद में प्रसूति रोग विशेषज्ञ और सर्जरी विशेषज्ञों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए पत्र लिखा गया था। लेकिन अबतक सर्जरी विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं। जिससे अमेठी में सर्जरी विशेषज्ञों और प्रसूति रोग विशेषज्ञों की तैनाती के लिए केंद्रीय मंत्री खुद बात करेंगी।

जिला चिकित्सालय के एमडी मेडिसिन डॉ नीरज वर्मा ने बताया कि गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऑपरेशन छोड़कर बाकी मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। इनके पास रोजाना चार सौ के पार की ओपीडी सेवाएं होती है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ लाइक ने बताया कि छोटे बच्चों में मस्तिष्क की समास्याएं ज्यादा होती है। बाकी बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी खरास और दाद खाज खुजली की शिकायतें आती हैं।

प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ पीके उपाध्यक्ष ने बताया कि जिले में महिलाओं के लिए प्रसूति रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता सबसे ज्यादा है। लेकिन पद खाली पड़ा है। जबकि जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सभी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन सर्जरी विशेषज्ञ न होने से सब सुविधाएं बेकार पड़ी हैं।

अमेठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ सौरभ सिंह ने कहा कि छह सौ के आसपास की ओपीडी सेवाएं होती हैं, लेकिन सर्जरी विशेषज्ञ नहीं हैं। संजय गांधी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए डॉ रजा अच्छे डॉक्टर माने जाते हैं लेकिन इसमें सामान्य ऑपरेशन का खर्च पचास हजार रुपए से कम नहीं होता है। ऐसे में कमजोर तबके वाले मरीज संजय गांधी अस्पताल नहीं जाते हैं।

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