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बिगड़ती छवि से भाजपा आलाकमान चिंतित

राजीव जैन राजस्थान में भाजपा सरकार और संगठन की बिगड़ती छवि से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व खासा चिंतित है। इसे दूर करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व अब ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर से प्रभारी महासचिव की तैनाती के साथ ही प्रदेश में संगठन महामंत्री की […]

Author December 22, 2014 08:31 am
राजस्थान में भाजपा सरकार और संगठन की बिगड़ती छवि से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व खासा चिंतित

राजीव जैन

राजस्थान में भाजपा सरकार और संगठन की बिगड़ती छवि से पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व खासा चिंतित है। इसे दूर करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व अब ठोस कदम उठाने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर से प्रभारी महासचिव की तैनाती के साथ ही प्रदेश में संगठन महामंत्री की तैनाती की जाएगी। प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री नहीं होने से भी आरएसएस का पार्टी पर अंकुश नहीं लग पाया है और सरकार के कामकाज की समीक्षा में भी ढिलाई हो रही है।

राज्य में शासन का एक साल पूरा करने के बाद भी आम जनता में सरकार के कामकाज को लेकर निराशा होने से ही भाजपा आलाकमान में चिंता बढ़ गई है। भाजपा आलाकमान का मानना है कि एक साल में तो जनता के बीच सरकार के कामों को लेकर उत्सुकता होनी चाहिए। राजस्थान में सरकार के कामकाज से भाजपा कार्यकर्ताओं में ही नाखुशी पनप गई है। इसके साथ ही मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर सांसद और विधायकों के साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं में विपरीत राय बनती जा रही है। भाजपा आलाकमान तक सरकार के साथ ही संगठन के ढीले रवैए को लेकर लगातार शिकायतें पहुंच रही है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का मानना है कि शासन का पहला साल तो पुरानी सरकार के समय की व्यवस्थाओं को बदलने में ही लग गया। सरकार के कामों का असर दूसरे साल के अंत तक जरूर दिखेगा।

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि राजस्थान में भाजपा संगठन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। विधायक प्रहलाद गुंजल ने जिस तरह से अपमानजनक स्थिति पैदा की, उससे तो सरकार के साथ ही संगठन को भी शर्मसार होना पड़ा। इस मामले को जिस ढंग से रफा-दफा करने की कोशिश की गई उससे तो केंद्रीय नेतृत्व का गुस्सा प्रदेश नेतृत्व को झेलना पड़ रहा है। प्रदेश नेतृत्व ने पहले तो आलाकमान को हल्का मामला बताया और फिर सुलह होने की दुहाई दी।

इससे ही राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह नाराज हो गए। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का साफ कहना है कि उसके जनप्रतिनिधियों का आचरण साफ-सुथरा होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर स्तर पर अनुशासन चाहते है। विधायक गुंजल ने जिस तरह का आचरण किया था, उस पर प्रदेश इकाई को फौरन कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस मामले में प्रदेश इकाई की तरफ से की गई लीपापोती ने तो राष्ट्रीय नेतृत्व का मूड ही खराब कर दिया।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में हालात सुधारने के लिए केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही प्रभारी महासचिव की तैनाती करेगा। इसके लिए तेजतर्रार राष्ट्रीय महासचिव की नियुक्ति होने के आसार हैं।

इसके अलावा संघ से भी राजस्थान में भाजपा संगठन महामंत्री पद का प्रचारक मांगा गया है। प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद लंबे अरसे से खाली है। प्रभारी महासचिव रहने के दौरान कप्तान सिंह सोलंकी इस पद की जिम्मेदारी अप्रत्यक्ष तौर पर निभाते रहे हैं। सोलंकी के हरियाणा का राज्यपाल बनने के बाद ही राजस्थान में अब प्रभारी महासचिव के साथ ही संगठन महामंत्री की जरूरत महसूस की जा रही है।

भाजपा में संगठन महामंत्री का ओहदा खासा अहम होता है। संघ से प्रतिनियुक्ति पर आया संगठन महामंत्री ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार में पहुंचाता है। इससे पार्टी का निचले स्तर का कार्यकर्ता आसानी से अपनी समस्याएं और शिकायतें साझा करता है। केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि राजस्थान में पूर्णकालीक संगठन महामंत्री होने पर ही सरकार पर अंकुश लग पाएगा। इससे मंत्रियों के कामकाज पर पूरी तरह से निगाह लगी रहेगी और केंद्रीय नेतृत्व तक भी सूचनाएं पहुंच सकेंगी।

 

 

 

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