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राजस्थान में BJP और कांग्रेस के बीच दलितों पर सियासत छिड़ी

राजस्थान में आंबेडकर दिवस के मौके पर भाजपा और कांग्रेस के बीच दलितों का हितैषी होने की होड़ मची हुई है।

Author जयपु | April 15, 2016 01:48 am
भाजपा और कांग्रेस के झंडे

राजस्थान में आंबेडकर दिवस के मौके पर भाजपा और कांग्रेस के बीच दलितों का हितैषी होने की होड़ मची हुई है। कांग्रेस ने अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आंबेडकर दिवस से एक दिन पहले यहां दलित सम्मेलन में बुलाकर भाजपा पर हमला बोला। इसके जवाब के लिए भाजपा ने भी दलितों से जुडेÞ कई आयोजन कर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की। इन दोनों बड़े राजनीतिक दलों के दलित प्रेम को वामपंथी दलों ने दिखावा करार देते हुए इसे वोट बैंक की राजनीति बताया है। राज्य की पंद्रह फीसद से ज्यादा दलित आबादी को कब्जाने के लिए अब भाजपा ने भी पूरी जोड़तोड़ शुरू कर दी है। प्रदेश में जातीय समीकरणों के हिसाब से कांग्रेस खुद को दलितों के करीब बताती आई है।

प्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। कांग्रेस अब नए सिरे से दलितों के बीच अपना जनाधार तैयार करने में जुट गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने यहां दलित सम्मेलन कर और उसमें राहुल गांधी को बुला कर अपनी ताकत भी दिखा दी। पायलट का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार दलितों के हित में एक भी काम नहीं कर पाई है। पायलट का कहना है कि प्रदेश का अनुसूचित जाति और जनजाति का तबका भाजपा की नीतियों से परेशान है।

प्रदेश में दलित तबके पर अत्याचार की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई है। बाड़मेर जिले की दलित छात्रा डेल्टा मेघवाल की बलात्कार और हत्या की घटना ने तो पूरे समाज को ही झकझोर दिया है। पायलट का आरोप है कि प्रदेश में पिछले ढाई साल में दलितों पर अत्याचार चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने दलित समाज को भरोसा दिया कि सरकार उन पर अत्याचार करेगी और डराएगी तो कांग्रेस उसके खिलाफ संघर्ष करेगी।

प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का कहना है कि भाजपा सिर्फ स्वार्थ के चलते ही आंबेडकर का उपयोग कर रही है। उनका कहना है कि भाजपा की सोच आंबेडकर के खिलाफ थी, जो आज सिर्फ झूठा प्रेम दिखा रही है। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी दलित के दुख-दर्द में भागीदार बनने के लिए आज गांव-गांव घूम रहे हैं। गहलोत ने अपने शासन में दलितों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि भाजपा सरकार ने उन योजनाओं को बंद कर अपनी सोच को जाहिर कर दिया है। गहलोत का कहना है कि भाजपा के झूठे वादों से ही दलित उसके पक्ष में चले गए थे, पर अब उन्हें हकीकत पता चल गई है। इससे वे वापस कांग्रेस के साथ हैं।

कांग्रेस की दलितों से बढ़ती नजदीकियों ने प्रदेश भाजपा को चौंका दिया था। इसके कारण ही उसने भी आंबेडकर दिवस और उससे पहले दलित तबके को लुभाने के कार्यक्रम शुरू कर दिए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी ने कांग्रेस को दलितों के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की।

उनका कहना है कि देश और प्रदेश में ज्यादातर समय कांग्रेस का शासन रहा, उसमें दलित को कभी सम्मान नहीं मिला। दलितों का विकास नहीं हुआ और उन्हें सम्मान नहीं मिला, इसलिए उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। भाजपा दलितों के कल्याण के लिए कई योजनाएं बना कर उन्हें लागू कर रही है।

परनामी का कहना है कि हम गांव-गांव जा रहे हैं और आंबेडकर जयंती मना रहे हैं। इससे ही कांग्रेस को परेशानी हो रही है कि दलित समाज अब भाजपा के साथ खड़ा हो गया है। प्रदेश भाजपा ने गुरुवार को अपने मुख्यालय पर दलित छात्रों को मुफ्त पुस्तकें और अन्य सामग्री भी बांटी। इसके अलावा परनामी के साथ ही भाजपा के नेताओं ने आंबेडकर की मूर्ति को माला पहना कर अपना दलित प्रेम भी दर्शाया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है कि आंबेडकर सबके थे। भाजपा उनके सिद्वांतों के आधार पर ही भेदभाव मुक्त समाज बनाने में जुटी हुई है।

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