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जिस मुस्लिम पुरातत्ववेत्ता ने बताया था बाबरी मस्जिद के नीचे था मंदिर, उसे भी मिला पद्म सम्मान

मुहम्मद का विचार है कि अयोध्या मुद्दे को उन लोगों से "बचाना" चाहिए, जो सोचते हैं कि ताजमहल शिव मंदिर है। उनका मानना है कि मुसलमानों को अयोध्या हिंदुओं को सौंप देना चाहिए क्योंकि उनके पास मक्का और मदीना है।

मुस्लिम पुरातत्ववेत्ता के के मुहम्मद (Photo: Video Grab)

राष्ट्रपति ने इस साल 112 लोगों को पद्म पुरस्कार देने की स्वीकृति दी है। इस सूची में चार पद्म विभूषण, 14 पद्म भूषण और 94 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। इन लोगों का चयन 50 हजार नामांकनों में से किया गया है। इसमें मुस्लिम पुरातत्ववेत्ता के के मुहम्मद का नाम भी शामिल है, जिन्होंने बताया था कि बाबरी मस्जिद के नीचे मंदिर का अवशेष मिला। इन्हें पद्म सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद लोगों ने इन्हें बधाई दी है।

केरल के कालीकट में जन्में मुहम्मद ने कोडुवल्ली स्थित एक सरकारी विद्यालय से उच्च माध्यमिक की परीक्षा पास की। वे भगवान राम के प्रति और रामजन्मभूमि के प्रति विश्वास जातते हैं और दार्शनिक अल्लामा इकबाल के हवाले से कभी-कभी भगवान राम को इमाम-ए- हिंद भी कहते हैं। वे मुस्लिम-बहुसंख्यक दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के उदाहरणों देते हुए कहते हैं वहां भगवान राम लोकप्रिय हैं और पूजे जाते हैं।

मुहम्मद ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व महानिदेशक बी.बी. लाल के साथ काम किया है। बी.बी. लान ने उस खुदाई टीम का नेतृत्व किया था जिसने पहली बार 1976 -77 में बाबरी मस्जिद स्थल पर एक हिंदू मंदिर के अवशेषों का पता लगने का दावा किया था। अपने भाषण में मुहम्मद अयोध्या में राम मंदिर की होने के दावे पर विश्वास ने करने के लिए वामपंथियों की निंदा करते हैं। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “एक पुरातत्वविद् विश्वसनीय चीजों के आधार पर बोलता है। अयोध्या में खुदाई के समय, मैं उस समूह में शामिल था। राम की उपस्थिति के सबूत थे, लेकिन वामपंथियों ने रोना और चिल्लाना शुरू कर दिया।”

राम जन्मभूमि का समर्थन करते हुए वे कहते हैं कि वे अपनी पुरातात्विक गतिविधियों में न तो धार्मिक हैं और न ही वामपंथी। मुहम्मद का विचार है कि अयोध्या मुद्दे को उन लोगों से “बचाना” चाहिए, जो सोचते हैं कि ताजमहल शिव मंदिर है। उनका मानना है, “अयोध्या में कभी राम मंदिर था, जिसे तोड़ा और बनाया गया। मुसलमानों को अयोध्या हिंदुओं को सौंप देना चाहिए क्योंकि उनके पास मक्का और मदीना है।” बता दें कि मुहम्मद ने एक किताब भी लिखी है, जिसका नाम है ‘मैं भारतीय हूं।’

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