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‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्‍टर’ का डायरेक्‍टर जीएसटी फ्रॉड में गिरफ्तार, पिता बीजेपी समर्थन पर लड़ चुके हैं चुनाव

नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में जहां टैक्‍स चोरी या गलत तरीके से हासिल किए गए रिफंड की रकम 5 करोड़ से ज्‍यादा हो, आरोपी को पांच साल तक की जेल और जुर्माने की सजा दी सकती है।

फिल्‍म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्‍टर’ का एक दृश्‍य। (Photo : Twitter/AnupamPKher)

‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्‍टर’ फिल्‍म के निर्देशक विजय रत्‍नाकर गुट्टे को माल एवं सेवा कर से जुड़ी धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। वह चीनी कारोबारी रत्‍नाकर गुट्टे के बेटे हैं, जिन्‍हें डायरेक्‍ट्रेट जनरल ऑफ गुंड्स एंड सर्विसेज इंटेजिजेंस (DGGSTI) ने जीएसटी में कम से कम 34 करोड़ रुपये के फ्रॉड के आरोप में गिरफ्तार किया है। गुट्टे की फर्म, वीआरजी डिजिटल कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड पर हॉरिजन ऑउटसोर्स सॉल्‍यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से मिली एनिमेशन और मैनपावर सेवाओं के लिए 34 करोड़ रुपये के जीएसटी की ‘फर्जी रसीदें’ लेने का आरोप है। यह कंपनी 170 करोड़ रुपये से ज्‍यादा के जीएसटी फ्रॉड को लेकर सरकार की जांच के दायरे में आई है।

अदालती कागजातों के अनुसार, वीआरजी डिजिटल कॉर्प ने जुलाई 2017 के बाद इन फर्जी रसीदों के जरिए सरकार से CENVAT (सेंट्रल वैल्‍यू एडेड टैक्‍स) के तहत 28 करोड़ रुपये के नकद रिफंड का गलत तरीके से दावा किया। गुट्टे पर CGST एक्‍ट की धारा (1)(c) के तहत केस दर्ज किया गया है। गुट्टे के पिता रत्‍नाकर गुट्टे 2014 में भाजपा-नीत गठबंधन के उम्‍मीदवार क तौर पर परभानी जिले के गंगाखेड़ से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में जहां टैक्‍स चोरी या गलत तरीके से हासिल किए गए रिफंड की रकम 5 करोड़ से ज्‍यादा हो, आरोपी को पांच साल तक की जेल और जुर्माने की सजा दी सकती है। जांच एजंसी ने अदालत में कहा कि गुट्टे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

द इंडियन एक्‍सप्रेस ने 19 मई को खबर दी थी कि हॉरिजन ऑउटसोर्स सॉल्‍यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और बेस्‍ट कंप्‍यूटर सॉल्‍यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों को एक जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। DGGSTI ने पाया था कि हॉरिजन ऑउटसोर्स सॉल्‍यूशंस ने बेस्‍ट कंप्‍यूटर सॉल्‍यूशंस से मिलीं फर्जी रसीदें दिखाकर सरकार से 80 करोड़ रुपये का जीएसटी क्रेडिट लिया। जांच में यह भी पता चला कि हॉरिजन ऑउटसोर्स सॉल्‍यूशंस ने अपने क्‍लाइंट्स को 47 करोड़ रुपये का जीएसटी दिखातीं जाली रसीदें भी जारी कीं।

एजंसी की जांच में खुलासा हुआ कि गुट्टे की वीआरजी डिजिटल कॉर्प असल में हॉरिजन ऑउटसोर्स सॉल्‍यूशंस के शीर्ष क्‍लाइंट्स में से एक थी। वीआरजीको को 266 करोड़ रुपये की सेवाओं के बदले 40 करोड़ रुपये का जीएसटी भरते दिखाया गया था, जबकि असल में कोई सेवा दी ही नहीं गई। मुंबई की एक अदालत ने गुट्टे को 14 अगस्‍त तक के लिए न्‍यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल भेज दिया है।

गुट्टे की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब उनके पिता पर 5,500 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धनंजय मुंडे ने 17 जुलाई को आरोप लगाया था कि रत्‍नाकर की आठ फर्मों ने मिलकर विभिन्‍न बैंकों को 5,500 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का चूना लगाया।

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