कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के बारे में एक दिलचस्प किस्से को साझा किया। जिसमें उन्होंने कहा कि वायनाड ने भाई-बहन के बीच के गतिरोध को किसी भी शांति वार्ता से कही ज्यादा तेजी से सुलझा लिया।
राहुल गांधी ने जो वीडियो शेयर किया है। उसमें राहुल गांधी 2024 के वायनाड भूस्खलन के पीड़ितों के लिए पार्टी द्वारा बनाए जा रहे घरों के शिलान्यास समारोह में बोल रहे हैं। उन्होंने राजनीति में अपने 22 वर्षों पर विचार करते हुए तर्क दिया कि राजनेताओं को अपने बारे में अधिक खुला और पारदर्शी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं 2004 से राजनीति में हूं, लगभग 22 साल हो गए हैं। जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, चीजों के बारे में सोचने का आपका तरीका बदलने लगता है। एक बात जिस पर मैं दृढ़ता से विश्वास करता हूं वह यह है कि राजनेताओं को अपने बारे में अधिक खुलकर बोलना चाहिए और जो कुछ हो रहा है उसके बारे में अधिक पारदर्शी होना चाहिए।
वायनाड के लोगों को अपना परिवार बताते हुए राहुल गांधी ने हाल ही में हुए घरेलू गतिरोध के बारे में श्रोताओं को बताया। उन्होंने कहा कि मेरी बहन कल मुझसे बात नहीं कर रही थी और आगे कहा कि यह चुप्पी इतनी गंभीर थी कि उन्हें अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करना पड़ा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जब मेरी माँ ने मेरी बहन के बारे में पूछा, तो मैंने उन्हें बताया कि वह परेशान है और मुझसे बात नहीं कर रही है। राहुल ने फिर अपनी तरकीब का खुलासा किया। जिसमें उन्होंने वायनाड की एक साथ यात्रा की योजना बनाना था। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी माँ से कहा कि मैंने उसे मना लिया है। वायनाड आने के बाद, वह मुझसे बात करना बंद नहीं रख सकी।
राहुल ने स्वीकार किया कि योजना तुरंत कारगर नहीं हुई। प्रियंका उड़ान के दौरान प्रभावित नहीं हुईं, लेकिन जैसे ही हम वायनाड पहुंचे, उसने मुझसे फिर से बात करना शुरू कर दिया। राहुल ने आगे कहा कि यही वायनाड का जादू है।
राहुल गांधी जो पहले लोकसभा में वायनाड का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में केरल निर्वाचन क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के रायबरेली दोनों से जीत हासिल कर यह सीट खाली की थी। इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व वर्तमान में प्रियंका गांधी वाड्रा कर रही हैं।
‘न्यायालय के निर्देशों का पालन होगा’, NCERT विवाद पर बोले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा आठ की उन किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एक अध्याय शामिल है। न्यायालय ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह न्यायपालिका को बदनाम करने के इरादे से की गई सुनियोजित साजिश है। पूरी खबर पढ़ें।
