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ठाणे: गला रेत कर अपने ही परिवार के 14 लोगों की जान ली

पुलिस ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपी ने सबसे पहले अपने मां और दो बहनों की हत्या की।

Author पुणे | Updated: February 29, 2016 2:20 AM
पुलिस के मुताबिक यह घटना शनिवार रात 12 बजे घटी।

दिल दहलाने वाली एक घटना में 35 साल के एक व्यक्ति ने नींद की गोलियां खिलाने के बाद अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों समेत अपने ही परिवार के 14 सदस्यों की रविवार तड़के गला रेत कर हत्या कर दी और बाद में खुदकुशी कर ली। मरनेवालों में सात बच्चे, छह महिलाएं और आरोपी के पिता समेत कथित तौर पर हत्या करनेवाले की दुहमुंही बेटी (3 माह) बेटी भी शामिल है। परिवार की एक सदस्य इस हत्याकांड से बच गई, जिसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार हसनैन अनवर वरेकर (35) का शव शहर के कासरवडवली इलाके में उसके दो मंजिले मकान में फांसी के फंदे से लटका था। उसके हाथ में चाकू था। ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष धुंब्रे ने बताया कि हसनैन ने अपनी तीन बहनों और उनके बच्चों को नई मुंबई के कोपरखैरणे और भिवंडी के पास महापोली से सामूहिक मिलन कार्यक्रम के लिए बुलाया था। वह अक्सर ऐसा करता था। संदेह है कि हसनैन ने सभी को नींद की गोलियां मिला कर शीतल पेय पिलाया और बाद में गला रेतकर उन्हें मार डाला। वह वाणिज्य स्नातक था और नई मुंबई में एक सीए कंपनी में आयकर से संबंधित दस्तावेज बनाता था।

पुलिस के अनुसार तड़के तीन बजे घर के पास एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के बाद हसनैन ने अपने परिवार के सदस्यों का एक-एक कर गला काटा और फिर फांसी लगा ली। घटना में बची हसनैन की 22 साल की बहन सुबिया सोजेफ बुरमाल सुबह पांच-साढ़े पांच बजे के करीब घर की खिड़की से मदद के लिए चिल्लाई, तो पड़ोसी वहां पहुंचे। उन्होंने खिड़की की ग्रिल तोड़कर घायल महिला को बाहर निकाला एवं उसे अस्पताल में भर्ती कराया और खबर पुलिस को दी।

धुंब्रे ने कहा, ‘हसनैन ने अपनी इस बहन के गले का ऊपरी हिस्सा रेत दिया लेकिन वह बच गई और मदद के लिए चिल्लाई।’ पुलिस के अनुसार 14 शव भूतल पर पड़े थे और चारों ओर खून फैला हुआ था। सभी की गर्दन पर वार किया गया था। हसनैन अनवर वरेकर का शव फांसी के फंदे से लटका था और उसके हाथ में चाकू था। आरोपी का परिवार इस मकान में पिछले 10 साल से रह रहा था। धुंब्रे ने बताया कि हसनैन के मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिए है।

उन्होंने कहा,‘ पहली नजर के सबूत बताते हंै कि जब आरोपी के परिवार के सदस्य सो रहे थे, उसने सभी दरवाजे अंदर से बंद कर उन्हें चाकू से मारा। अपने परिवार की हत्या करने के बाद उसने फांसी लगा ली। घर में तीन कमरे हैं, वह प्रथम तल पर अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ जबकि उसके माता-पिता और बहनें भूतल पर दूसरे कमरों में रहते थे।

हालांकि हत्याकांड के पीछे संपत्ति विवाद का अनुमान लगाया जा रहा है मगर पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मारे गए लोगों की पहचान जबीन हसनैन वरेकर (हसनेन की 28 साल की पत्नी), मुशदशेरा हसनेन वरेकर (06), उमरा हसनेन वरेकर (तीन महीने, दोनों बेटियां), अनवर वरेकर (55, पिता), अजगडी अनवर वरेकर (मां), रबीना शौकत खान (35), बातूल अनवर वरेकर (30), मारिया इरफान फक्की (28 तीनों बहनें) के रूप में हुई। मृतकों में तीनों बहनों के बच्चे अनास शौकत खान (12), साबिया शौकत खान (16), अली हसन शौकत खान (5), उमर इरफान फक्की (7), युसूफ इरफान फक्की (4) और असरिया सोजेफ बुरमल (पांच महीने) भी शामिल हैं।

ठाणे के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह समेत जिला पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौके का मुआयना करने पहुंचे। पुलिस उपायुक्त (जोन-1) सचिन पाटिल ने संवाददाताओं को बताया कि इस घटना के सिलसिले में 302 और 309 के तहत अपराध के लिए कासरवडवली पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि एकमात्र बची महिला का इलाज चल रहा है और स्थिति सुधरने पर उसका बयान लिया जाएगा। ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री एकनाथ शिंदे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए अस्पताल का दौरा किया। ठाणे के सिविल सर्जन डॉ. बी सी केम्पी पाटिल ने शवों का पोस्टमार्टम किया और कुछ शव पोस्टमार्टम जल्द पूरा करने के लिए सरकारी छत्रपति शिवाजी अस्पताल भी भेजे गए। इस परिवार के करीबी लियाकत धोले ने कहा कि लोगों के बीच परिवार का अच्छा सम्मान था और आरोपी के पिता दरगाह के न्यासी थे। इस परिवार के पास एक कंपनी समेत खूब संपत्ति थी, यह कंपनी बाद में बेच दी गई।

हसनैन के साथ पढ़ाई कर चुके उसके घनिष्ठ दोस्त जामिर पटेल ने कहा, ‘मुझे उससे ऐसी वीभत्स हरकत की उम्मीद नहीं थी। कहीं न कहीं, कुछ न कुछ गड़बड़ है। मुझे यह बात हजम नहीं होती कि उसने ऐसी हरकत की।’ पुलिस हसनैन के पड़ोसियों के इन दावों को परखने में जुटी है कि उसने कुछ साल पहले अपने परिवार के सदस्यों को जहर देकर मारने की असफल कोशिश की थी।

हसनैन के एक रिश्तेदार ने कहा कि परिवार के लोग जल्द ही अजमेर की यात्रा पर जाने की योजना बना रहे थे। कुछ पड़ोसियों ने यह भी दावा किया कि वह कुर्बानी की प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत था और यही वजह है कि उसने इतनी बारीकी से परिवार के सदस्यों का गला काटा।

इसी बीच एक खबरिया चैनल का कैमरामैन सिविल अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से चल बसा। वह अस्पताल जाकर इस घटना की कवरेज कर रहा था। अस्पताल के डॉक्टरों ने यह जानकारी दी।

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