जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया है। सुरक्षाबलों के मुताबिक उसका शव पालमेदन इलाके में तलाशी अभियान के दौरान बरामद किया गया। मौके से युद्ध जैसे सामान भी मिले हैं।

यह कार्रवाई यूसमर्ग के कोराग इलाके में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन कोराग’ के तहत हुई। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मंगलवार को विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। जवानों ने जब संदिग्ध आतंकियों को चुनौती दी तो उनकी ओर से गोलीबारी शुरू कर दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आतंकी मारा गया।

सेना के XV कॉर्प्स ने मंगलवार देर रात एक्स पर पोस्ट किया, “अलर्ट सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे जबरदस्त मुठभेड़ हुई और इस दौरान एक आतंकवादी मारा गया।”

सेना की चिनार कोर ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी जारी रही। बाद की तलाशी में मारे गए आतंकी की पहचान हाशिम मूसा के रूप में सामने आई। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाकों में किसी और आतंकी की मौजूदगी और अन्य सामान की तलाश कर रही हैं। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।

हाशिम मूसा का नाम अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सामने आया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उस समय उसे हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान के तौर पर पहचानते हुए उसके बारे में जानकारी देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। पुलिस ने उसके साथ अडिल हुसैन ठोकर और अली भाई उर्फ तल्हा भाई के नाम भी जारी किए थे।

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। एनआईए ने बाद में मामले में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) समेत सात आरोपियों के खिलाफ 1597 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एनआईए के मुताबिक चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें जुलाई 2025 में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने पहले हाशिम मूसा को पाकिस्तान की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप में पैरा-कमांडो रह चुका बताया था। हालांकि, यह जानकारी आधिकारिक एनआईए चार्जशीट में दर्ज तथ्य के तौर पर सामने नहीं आई है।