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फौज और आइएसआइ की शह से नेता बनेगा हाफिज

आतंकवादी सरगना हाफिज सईद के द्वारा राजनीतिक दल बनाने की तैयारियों की खबरें आई हैं। पाकिस्तान सरकार उसे राजनीतिक पार्टी बनाने की अनुमति देने की कवायद में जुटी है।

जमात- उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद। (file photo)

आतंकवादी सरगना हाफिज सईद के द्वारा राजनीतिक दल बनाने की तैयारियों की खबरें आई हैं। पाकिस्तान सरकार उसे राजनीतिक पार्टी बनाने की अनुमति देने की कवायद में जुटी है। इस तरह की सूचनाओं पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। भारत ने कहा है कि हाफिज सईद के हाथ खून से रंगे हैं। वह अब बैलट के पीछे छिप रहा है। यह सोचनीय विषय है। पाकिस्तान में जमात-उद-दावा संगठन चला रहे सईद ने अपने राजनीतिक संगठन का नाम मिल्ली मुस्लिम लीग रखा है। उसने पंजीकरण के लिए पाकिस्तान के चुनाव आयोग में आवेदन कर रखा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी फौज और खुफिया एजंसी आइएसआइ उसका नया संगठन तैयार करा रही हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने शुक्रवार को कहा, क्या वह बुलेट (गोलियां) चलाने के बाद बैलट (मतदान पेटी) के पीछे छुपना चाह रहा है? जो हाथ खून में रंगे हैं, क्या उन्हें वह मतदान की स्याही में छुपाना चाहता है? सईद की ताजा कवायद के बारे में बागले ने कहा कि वह दुर्दांत और खूंखार आतंकवादी है। 2008 में मुंबई में जो आतंकवादी हमला हुआ था, उसका खून हाफिज के हाथों पर है। हमले में भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों के 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे। वह उस हमले का मास्टरमाइंड है।
बागले ने कहा, मीडिया के जरिए ऐसी खबरें मिलती रही हैं कि पाकिस्तान में उसे नजरबंद किया गया है। उसके संगठनों, चाहे वह लश्करे-तैयबा हो या जमात-उद-दावा, दोनों पर ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। फिर भी, उसे और उसके आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान में जो छूट मिली हुई है, वह चिंता का विषय है। इस तरह का आतंकवादी अगर राजनीतिक गतिविधियों में आना चाहता है, तो हमें लगता है कि पाकिस्तान को हरसंभव उसे रोकने का प्रयास करना चाहिए। ऐसे संगठनों को प्रतिबंधित करने की जो अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है, उसका पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।

जैशे-मोहम्मद के आतंकवादी मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रतिबंध लगाने की कोशिश को चीन की ओर से रोके जाने को लेकर गोपाल बागले ने कहा कि अजहर ने हमारी धरती पर हमले किए हैं। क्षेत्र के दूसरे देशों में भी हमलों की साजिश रची है। हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर हमारी चिंता को साझा करने वाले सभी देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमसे सहयोग करेंगे। सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ हमारे कदम के बारे में जानकारी है।

सईद ने पाकिस्तान चुनाव आयोग के पास राजनीतिक पार्टी के पंजीकरण की अपील कर रखी है। माना जा रहा है कि वहां कमजोर होती राजनीतिक सत्ता को देखते हुए फौज और आइएसआइ ने उसे मैदान में उतारने की योजना बनाई है। अगले चुनाव में वह उम्मीदवार खड़े करने की योजना बना रहा है। पाकिस्तान में पनामागेट में नवाज शरीफ को कुर्सी गंवानी पड़ी है। उसके बाद से वहां राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है। गोपाल बागले ने कहा कि हाफिज के राजनीति में उतरने से न केवल भारत, बल्कि पूरा विश्व प्रभावित होगा।
यह हास्यास्पद है कि जिस आतंकवादी पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है, उसे राजनीति में लाने की हिमायत पाकिस्तान सरकार और वहां की एजंसियां कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव में हाफिज सईद को पाकिस्तान सरकार ने 30 जनवरी 2017 को नजरबंद कर दिया था। सितंबर में उसकी नजरबंदी की अवधि पूरी हो रही है। हाफिज सईद और उसके समर्थकों ने नजरबंदी के खिलाफ लाहौर हाइकोर्ट में अपील की है और मामला अभी विचाराधीन है। अमेरिका ने उसके संगठनों को आतंकी सूची में डाल रखा है। इसके अलावा जमात उद दावा की धर्मादा संस्था ‘फलाह-ए-इंसानियत’ भी आतंकी संगठनों की सूची में है। हाफिज को अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र संघ ने आतंकी घोषित किया है।

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