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आतंकवादियों ने भारतीय लोकतंत्र पर हमले का प्रयास किया : मोदी

कश्मीर में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें भारतीय लोकतंत्र पर हमले का ‘निर्लज्ज’ प्रयास करार दिया। पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में, आतंकवादियों ने भारत के लोकतंत्र […]

Author December 7, 2014 9:32 AM
विश्व समुदाय के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऊर्जावान नेता के रूप में प्रसिद्ध हुए। बारह महीनों में 18 देशों की उनकी यात्रा किसी रिकॉर्ड से कम नहीं है।(फाइल फोटो-पीटीआई)

कश्मीर में शुक्रवार को हुए आतंकवादी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें भारतीय लोकतंत्र पर हमले का ‘निर्लज्ज’ प्रयास करार दिया। पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में, आतंकवादियों ने भारत के लोकतंत्र पर हमले का निर्लज्ज प्रयास किया। लेकिन बहादुर जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दे दी। प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने के लिए जवानों को सलाम किया और कहा कि देश उन्हें कभी नहीं भूलेगा।

मोदी ने कहा- मैं झारखंड के बहादुर पुत्र संकल्प कुमार शुक्ला और प्राणों की आहुति देने वाले अन्य बहादुर जवानों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। राज्य में भावी पीढ़ियां संकल्प कुमार शुक्ला की शहादत को याद रखेंगी।

जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में मोहरा सैन्य शिविर पर छह आतंकवादियों ने सुक्रवार को हमला किया था जिसमें पंजाब रेजीमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल संकल्प कुमार समेत आठ जवान और तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। माना जाता है कि यह हमला सीमा पार से हुआ।

उत्साह से भरी हजारों की भीड़ से मोदी ने शिकायती लहजे में कहा कि उन्हें इस बात की शिकायत है कि आखिर जनता उनकी रैलियों में लोकसभा चुनाव में इससे काफी कम क्यों आती थी। मोदी ने जब कहा कि आज तो लोकसभा चुनाव की रैली के मुकाबले दोगुने लोग आए हैं तो भीड़ ने करतल ध्वनि से इसका स्वागत किया। प्रधानमंत्री जनधन योजना का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने हर हफ्ते एक करोड़ लोगों के बैंकों में खाते खुलवाए जबकि पिछली सरकार एक वर्ष में एक करोड़ खाते खुलवाती थी।

प्रधानमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकारों पर व्यंग्य करते हुए कहा कि लगभग चालीस वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में बैंकों का यह कह कर राष्ट्रीयकरण किया कि बैंक सिर्फ धन्ना सेठों के बजाय बैंक गरीबों के लिए भी हुआ करेंगे लेकिन क्या देश के गरीबों के खाते बैंकों में खुले? लेकिन मेरी सरकार बनने के बाद सिर्फ छह महीने में सात करोड़ से ज्यादा गरीब लोगों के बैंकों में खाते खुल गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार किसे कहते हैं यह देश की जनता ने देख लिया है। आज इस सरकार ने देश के सभी गरीबों के खाते बैंक में खुलवाने का संकल्प कर लिया है और वह यह करके दिखाएगी। मोदी ने कहा कि राज्य और देश को विकास के रास्ते पर ले जाना है और अब इससे उन्हें कोई रोक नहीं सकता।

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