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टेनिस: अब समाप्त होगा नडाल, जोकोविच और फेडरर का जलवा!

दरअसल, महिला टेनिस में हर साल कोई न कोई ऐसा चेहरा निकल ही आता है जिसे चैंपियन के तौर पर देखा जा सके। वहीं पुरुष टेनिस में बीते दो दशक में ऐसे मौके कम ही आए जब कोई युवा खिलाड़ी ग्रैंडस्लैम जीते।

खेल-खिलाड़ीटेनिस के दिग्गज नडाल, जोकोविच और फेडरर।

एसोसिएशन आफ टेनिस प्रोफेशनल्स (एटीपी) ने अपने पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार भी सूची में रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच के नाम मौजूद हैं। शीर्ष पुरस्कारों में हालांकि आंद्रे रुबलेव और फ्रांसेस टियाफो के नाम भी हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा ‘बिग थ्री’ की है।

टेनिस जगत में फिर से वही सवाल उठने लगे हैं जो लगभग पांच साल से पूछे जा रहे हैं, ‘क्या नए सत्र में कोई युवा बिग थ्री की बादशाहत को चुनौती दे पाएगा’। लगभग दो दशक से इसका जवाब न में ही रहा है। हालांकि कुछ नए खिलाड़ियों के लाजवाब प्रदर्शन ने उम्मीद जगाई है।

स्टीफनोस सिटसिपास, एलेक्जेंडर ज्वेरेव, आंद्रे रुबलेव, डेनिल मेदवेदेव, डोमिनिक थिएम और निक किरगियोस ये ऐसे नाम हैं जिन्होंने कई मौकों पर बिग थ्री में से किसी एक को परेशान किया या परास्त किया है।

दरअसल, महिला टेनिस में हर साल कोई न कोई ऐसा चेहरा निकल ही आता है जिसे चैंपियन के तौर पर देखा जा सके। वहीं पुरुष टेनिस में बीते दो दशक में ऐसे मौके कम ही आए जब कोई युवा खिलाड़ी ग्रैंडस्लैम जीते। 2003 में रोजर फेडरर के ग्रैंडस्लैम जीत के बाद करीब 68 ग्रैंडस्लैम खेल गए।

इनमें से 55 खिताब बिग थ्री यानी नडाल, जोकोविच और फेडरर के खाते में गए। फेडरर के नाम कुल 20 मुख्य ग्रैंडस्लैम खिताब हैं। वहीं नडाल के पास 19 और जोकोविच के पास 16 हैं। रैंकिंग के मामलों में भी इन्हीं तीनों का दबदबा रहा है। हालांकि अब टेनिस की नई पौध इन्हें चुनौती देने के लिए मैदान में है और यह माना जाने लगा है कि जल्द ही इनकी बादशाहत समाप्त होगी।

1990 के बाद जन्मे कुछ युवा खिलाड़ियों के हाल के प्रदर्शन को देखें तो पता चलता है कि उनमें बिग थ्री के दबदबे को कम करने या समाप्त करने की कुव्वत है। स्टीफनोस सिटसिपास, एलेक्जेंडर ज्वेरेव, आंद्रे रुबलेव, डेनिल मेदवेदेव, डोमिनिक थिएम, निक किरगियोस और ग्रिगोर दिमित्रोव। ये ऐसे नाम हैं जिन्होंने फेडरर, नडाल और जोकोविच को धूल चटाई है। ग्रीक सिटसिपास ने करिअर में पांच बार बिग थ्री के खिलाड़ी को हराया है जिनमें 2019 के सत्र में चार जीत शामिल हैं।

जर्मनी के ज्वेरेव ने करिअर में आठ बार बिग थ्री के क्लब में शामिल खिलाडियों में किसी एक को हराया है। रुबलेव ऐसा एक ही बार कर पाए लेकिन एटीपी खिताब में उन्हें ‘मोस्ट इंप्रीव्ड प्लेयर’ यानी साल के सबसे तेजी से खेल में प्रगति करने वाले खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया है। इसी फेहरिस्त में शामिल थिएम ने तो 13 बार जीत हासिल की है। ऐसे ही अन्य खिलाड़ियों ने भी किसी न किसी टूर्नामेंट में इन तीनों में से किसी एक के पसीने छुड़ाए हैं।

हालांकि बिग थ्री खिलाड़ियों की उपलब्धियों तक पहुंचना इतना आसान भी नहीं है। इन्होंने काफी कम उम्र में ही ग्रैंडस्लैम जीतकर खुद को साबित किया। नडाल ने जहां 19 साल की उम्र में फेंच ओपन के तौर पर पहला ग्रैंडस्लैम जीता था वहीं 20 साल की उम्र में जोकोविच ने आस्ट्रेलियन ओपन पर कब्जा जमाया था।

इस मामले में फेडरर थोड़े पीछे रहे और उन्हें विंबलडन जीतने में 22 साल लग गए। ऐसे में तेजी से आगे बढ़ रहे थिएम और दिमित्रोव पहले बिग थ्री के पहले ग्रैंडस्लैम हासिल करने की उम्र से आगे निकल चुके हैं। अब उम्मीद सिटसिपास और रुबलेव पर टिकी है।

1990 के बाद जन्में स्टीफनोस सिटसिपास, एलेक्जेंडर ज्वेरेव, आंद्रे रुबलेव, डेनिल मेदवेदेव, डोमिनिक थिएम और निक किरगियोस जैसे खिलाड़ी कई बार कोर्ट पर बिग थ्री में शामिल खिलाडियों को धूल चटा चुके हैं।

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