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पहले 12 विधायक टूटकर दूसरी पार्टी में गए, अब इस एमएलए ने कहा- पता नहीं मोदी से कैसे मोर्चा लेगी कांग्रेस

तेलंगाना के कांग्रेस विधायक राजगोपाल रेड्डी ने कहा कि पार्टी के पास प्रभावी नेतृत्व नहीं है और पार्टी सही तथा वक्त पर फैसले नहीं कर पा रही है। हालांकि उन जैसे लोग टीआरएस से लड़ रहे हैं।

Author हैदराबाद | June 16, 2019 5:00 PM
तेलंगाना के कांग्रेस विधायक राजगोपाल रेड्डी। (Photo: Facebook@krgreddy)

तेलंगाना में 12 विधायकों के सत्तारूढ़ टीआरएस में शामिल होने से संकट का सामना कर रही कांग्रेस को एक और झटका लग सकता है। पार्टी के एक अन्य विधायक ने भाजपा में जाने के संकेत दिए हैं। नलगोंडा के पास मुनुगोडे से कांग्रेस विधायक के राजगोपाल रेड्डी ने पार्टी संबंधी मामलों को लेकर मायूसी जताई और आरोप लगाया कि पार्टी टीआरएस का प्रभावी तरीके से मुकाबला करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘कांग्रेस सिर्फ तेलंगाना में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में मुश्किल में है। देश भाजपा के तहत विकास करेगा।’’ उन्होंने कहा कि पता नहीं कांग्रेस कैसे नरेंद्र मोदी से मोर्चा लेगी।

रेड्डी ने कहा, “भाजपा के आने वाले दिनों में तेलंगाना में अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है। देश की जनता ने पीएम मोदी के पक्ष में दूसरी बार जनादेश दिया। यही वजह है कि नरेंद्र मोदी के फैसले में आत्मविश्वास दिख रहा है। भाजपा के पास कुछ क्रांतिकारी फैसले लेने की ताकत है, क्योंकि उनके पास मजबूत नेतृत्व है। मुझे संदेह है कि कांग्रेस पीएम मोदी के खिलाफ कैसे मोर्चा ले सकती है।” हालांकि, कांग्रेस विधायक वेंकट रेड्डी के भाई राज गोपाल ने कहा कि कांग्रेस से भाजपा में जाने की उनकी कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने अभी इस मामले पर कोई फैसला नहीं किया है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से परामर्श लेने के बाद ही निर्णय लूंगा।” उन्होंने कहा, ‘‘ युवा भाजपा के साथ हैं। पार्टी केसीआर (मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव) का मुकाबला करने के लिए एक विकल्प है।’’ रेड्डी ने कहा कि देश के हित को दिमाग में रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास प्रभावी नेतृत्व नहीं है और पार्टी सही तथा वक्त पर फैसले नहीं कर पा रही है। हालांकि उन जैसे लोग टीआरएस से लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अक्षम नेतृत्व के कारण 12 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। राज गोपाल ने कहा, “कांग्रेस नेतृत्व ऐसी स्थिति में है कि वह अपने 12 विधायकों को भी अपने साथ नहीं रख पायी। यहां तक कि जीतने वाले हमारे एक-एक विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) और हाईकमान को बुलाकर उन्हें आश्वासन देना चाहिए था, लेकिन कुछ नहीं किया गया। यही वजह है कि आज पार्टी इतनी बुरी हालत में है।”

तेलंगाना के कांग्रेस मामलों के प्रभारी आरसी कुंटिया और तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी द्वारा पदयात्रा के लिए अनुमति देने से इनकार करने पर उन्होंने तंज करते हुए कहा, “रेड्डी और कुंटिया द्वारा किए गए निर्णयों के कारण पार्टी को बहुत नुकसान हुआ। तेलंगाना विधानसभा चुनावों के बाद, तेलंगाना कांग्रेस को उत्तम और कुंटिया को हटा देना चाहिए था। आपसी सामंजस्य की कमी और गलत फैसलों की वजह से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की दुर्गती हुई।” बता दें कि कांग्रेस के 12 विधायक हाल में टीआरएस में शामिल हो गए थे जिससे विधानसभा में उसके सदस्यों की संख्या घटकर छह हो गई। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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