Telangana SIR: कांग्रेस शासित राज्य तेलंगाना में चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम बूथ स्तर पर शुरू कर दिया है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता का वेरिफिकेशन करेंगे। इसको लेकर कांग्रेस अलर्ट हो गई है और प्रक्रिया शुरु होने के कुछ घंटे पहले आधी रात में राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंत्रियों, विधायकों और पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं के साथ एसआईआर की रणनीतियों के संबध में अहम बैठक की है।
कांग्रेस नेताओं के साथ इस अहम मीटिंग में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी के नेताओं को ये निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस को सतर्क रहना ही होगा। उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि पार्टी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का जो भी नेता या कार्यकर्ता पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई भी की जाएगी।
88 लाख नामों के जिक्र से की वजह से सभी अलर्ट
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेड्डी के साथ इस बैठक के बाद कई नेता नाराज नजर आए हैं। राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस, बीआरएस और एआईएमआईएम ने विशेष रूप से सावधानी बरत रहे हैं। इसकी वजह यह है कि एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले किए गए एक अभ्यास को लेकर तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा था कि वोटर लिस्ट में कम से कम 88 लाख मतदाताओं को लेकर अनियमितता है।
रेवंत रेड्डी ने लगाई नेताओं की क्लास
बुधवार की रात पार्टी नेताओं के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्हें लगता है कि कुछ पार्टी नेता, मंत्री और विधायक एसआईआर को लेकर गंभीर नहीं हैं, और चेतावनी दी कि इससे राज्य में कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। उन्होंने मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंकाओं के मद्देनजर वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें, और हर चीज का बारीकी से मॉनिटर करें।
मामला गंभीर, प्रभारियों को हटाने तक की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, “एसआईआर का मुद्दा बहुत गंभीर है। कुछ नेता एसआईआर को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को हो रही इस परेशानी को वे मूकदर्शक बनकर नहीं देखेंगे। उन्होंने एसआईआर जागरूकता बैठकों से संबंधित एक रिपोर्ट का जिक्र भी किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के बारे में जागरूकता का स्तर कम है और उन्होंने प्रक्रिया के प्रति लापरवाह या गैर-जिम्मेदार पाए जाने वाले जिला प्रभारियों को हटाने की चेतावनी।
मुख्यमंत्री ने नेताओं को एसआईआर पर अधिक जागरूकता बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया और जिलों के प्रभारी मंत्रियों को इन बैठकों को सफल बनाने की अधिक जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर के दौरान गरीबों के मतदान अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर गरीब अपना वोट खो देते हैं, तो वे अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड भी खो देंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी नेताओं को पार्टी के निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हम किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे और 10 दिनों तक प्रभारी नेताओं के कामकाज पर नजर रखेंगे।” उन्होंने पार्टी के सरपंचों से भी अपील की कि वे एसआईआर के प्रचार अभियान में भी लोगों की मदद करें और जागरूकता पैदा करें।
ओवैसी ने भी SIR को लेकर किया सावधान
बीआरएस और एआईएमआईएम ने चिंता जताई है कि जल्दबाजी में की गई प्रक्रिया से गलतियां हो सकती हैं और मतदाता सूची का संशोधन ठीक से नहीं हो पाएगा। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और बारिश से घर-घर जाकर किए जाने वाले मतदान में बाधा आ सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक महीने का समय पर्याप्त नहीं होगा और चेतावनी दी कि प्रक्रिया में खामियां हो सकती हैं और जल्दबाजी में की गई गलतियों के कारण वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं।
चुनाव अधिकारी ने क्या कहा था?
तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि प्रत्येक मतदान अधिकारी को अपने क्षेत्र में 800 से 1000 मतदाताओं से मिलने, जनगणना प्रपत्र वितरित करने और उन्हें वापस लेने का कार्य सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व-गणना प्रक्रिया के दौरान लगभग 89.88 लाख मतदाताओं की जानकारी में मामूली त्रुटियां और अनियमितताएं पाई गईं। पूर्व-गणना प्रक्रिया में, अधिकारियों ने लगभग 2.38 करोड़ मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया, जबकि राज्य में कुल 3.38 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं।
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