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मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की गोद चली गई बेटी प्रत्युषा ने की शादी

एक खास बात यह भी है कि प्रत्युषा की शादी की सारी व्यवस्था करने में मुख्यमंत्री ने खुद दिलचस्पी ली। प्रत्युषा के दूल्हे के रूप में चरण रेड्डी का चुनाव महिला कल्याण विभाग के कुछ अधिकारियों ने ही कुछ महीने पहले किया था।

telangana, marriageप्रत्युषा की शादी सॉफ्टवेयर इंजीनियर से हुई है। फोटो सोर्स – वीडियो स्क्रीनशॉट, यूट्यूब

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की गोद ली हुई बेटी सी प्रत्युषा ने 24 साल की उम्र में शादी कर ली है। अब से करीब 5 साल पहले सी प्रत्युषा को मुख्यमंत्री ने उस वक्त गोद लिया था जब उन्हें काफी भयानक हालातों में उनके घर से आजाद कराया गया था। सोमवार (28-12-2020) को रंगा रेड्डी जिले में स्थित Lourde Matha Church में प्रत्युषा की शादी चरण रेड्डी से हुई। प्रत्युषा पेशे से नर्स हैं और उनके पति सॉफ्टवेयर इंजीनियर।

उनकी शादी में कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों का जमावड़ा लगा। इसमें राज्य की महिला कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़, सादनगर विधायक अंजिया यादव, जिला परिषद उपाध्यक्ष गणेश के अलावा कई सरकारी अधिकारी भी शामिल थे।

इससे पहले रविवार की शाम मुख्यमंत्री की पत्नी के शोभा बेटी प्रत्युषा की प्री-वेडिंग सेरेमनी में शामिल हुईं। यहां उन्होंने अपनी बेटी को हीरा का हार और अन्य आभूषण दिये तथा प्रत्युषा को खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद भी दिया।

एक खास बात यह भी है कि प्रत्युषा की शादी की सारी व्यवस्था करने में मुख्यमंत्री ने खुद दिलचस्पी ली। प्रत्युषा के दूल्हे के रूप में चरण रेड्डी का चुनाव महिला कल्याण विभाग के कुछ अधिकारियों ने ही कुछ महीने पहले किया था। चरण रेड्डी को सीएम कार्यालय में बुलाकर प्रत्युषा से शादी का ऑफर दिया गया था। अक्टूबर के महीने में इनकी रिंग सेरेमनी हुई थी।

प्रत्युषा को जुलाई 2015 में महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने हैदराबाद के बाहर स्थित एलबी नगर के उनके घर से आजाद कराया था। उस वक्त प्रत्युषा की उम्र 19 साल थी। उनके शरीर पर जलने और कटने के कई निशान थे। इस मामले में पुलिस ने प्रत्युषा के पिता सी रमेश और उनकी सौतेली मां श्यामला को गिरफ्तार किया था।

उस वक्त प्रत्युषा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत के बारे में जानने के बाद सीएम के चंद्रशेखर राव उनकी पत्नी और उनकी बेटी प्रत्युषा से मिलने अस्पताल भी गये थे। उस वक्त सीएम ने प्रत्युषा को अपनी दूसरी बेटी कहते हुए उनकी आगे की जिंदगी की जिम्मेदारी संभाली थी।

अस्पताल से छूटने के बाद प्रत्युषा को सीएम के आवास पर ले जाया गया था औऱ उस वक्त उन्होंने मुख्यमंत्री तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ ही खाना खाया था। इसके बाद सीएम ने उनकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाया और फिर प्रत्युषा की जिंदगी पटरी पर आ गई। प्रत्युषा फिलहाल Nizam’s Institute of Medical Sciences में नौकरी कर रही है। प्रत्युषा का कहना है कि वो अपने अतीत को भूल चुकी है। प्रत्युषा ने कहा कि वो अपने माता-पिता से आशीर्वाद पाकर काफी खुश हैं।

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