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तेजस्वी यादव ने कही दिल की बात, भड़के नीतीश कुमार के सिपहसालार, लालू यादव को धमकाया- हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं

जदयू और राजद के नेताओं की बयानबाजी शुरू होने के बाद तेजस्वी यादव ने सफाई जारी करते हुए कहा कि उनका बयान समूचे विपक्ष पर था न कि नीतीश कुमार पर।

(बाएं से दाएं) तेज प्रताप यादव, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” की तर्ज पर बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने “दिल की बात” शुरू की है। तेजस्वी सोशल मीडिया पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में “दिल की बात” कर रहे हैं। रविवार (25 जून) को तेजस्वी ने इसी शृंखला के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा। तेजस्वी ने नीतीश कुमार का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों-इशारों में उन्हें “आत्मकेंद्रित” और “अवसरवादी” कह दिया। बिहार में नीतीश की जदयू, लालू की राजद और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है।

तेजस्वी यादव ने परोक्ष रूप से नीतीश कुमार द्वारा बीजेपी गठबंधन के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की आलोचना करते हुए कहा कि “आत्मकेंद्रित व्यवहार” की वजह से विपक्ष भ्रमित और थोड़ा बिखरा हुआ दिख रहा है। तेजस्वी ने लिखा कि अवसरवादी बरताव और राजनीतिक दांवपेंच से तत्कालिक फायदे हो सकते हैं या सरकार बन-बिगड़ सकती है, लेकिन टेलीविजन एंकरों के उलट इतिहास इस बात की गवाही देगा कि जब प्रगतीशील राजनीति को मजबूत करने की जरूरत थी तो हमने दूसरा रास्ता चुना। तेजस्वी ने कहा कि सभी को राजनीतिक अवसरवाद से ऊपर उठने की जरूरत है।

तेजस्वी का राज्य के सीएम पर छिपा हुआ हमला जदयू को नागवार गुजरा। जदयू के बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने तेजस्वी यादव के बयान के बाद “महागठबंधन” के भविष्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया। वशिष्ठ नारायण सिंह ने द टेलीग्राफ से कहा कि जदयू ने तेजस्वी के बयान को बहुत गंभीरता से लिया है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि अभी तक पार्टी स्तर पर ऐसे बयान आ रहे थे लेकिन अब सरकार में शामिल लोग ऐसे बयान जारी कर रहे हैं तो ये खतरे की घंटी बजने जैसा है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राज्य के डिप्टी-सीएम से उन्हें ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी।

तेजस्वी यादव और राजद के अन्य नेताओं द्वारा हाल-फिलहाल दिए गए बयानों से आहत होने वाले जदयू नेताओं में अकेल वशिष्ठ नारायण सिंह नहीं हैं। जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने द टेलीग्राफ से कहा, “अगर नीतीश जी का चेहरा नहीं होता तो राजद नेता अपने सिक्योरिटी डिपॉजिट गंवा बैठते। राजद के कुछ नेता अपनी सारी सीमाएं लांघ चुके हैं….ऐसे नेताओं पर कार्रवाई की हमारी मांगों पर लालूजी कान नहीं दे रहे हैं। हमें भी पता है कि किसी को कैसे अपमानित किया जाता है और हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।” जदयू और राजद के नेताओं की बयानबाजी शुरू होने के बाद तेजस्वी यादव ने सफाई जारी करते हुए कहा कि उनका बयान समूचे विपक्ष पर था न कि नीतीश कुमार पर। तेजस्वी जो भी कहें राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि तीर कमान से निकल चुका है।

 

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