नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस में फिलहाल काम सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा वहां काम करने वाले कर्मचारियों को अगले आदेश तक वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। नासिक पुलिस ने एक सीक्रेट ऑपरेशन कर टीसीएस कर्मचारियों के खिलाफ सबूत इकट्ठे किए थे। जांच के दौरान यौन उत्पीड़न, दबाव डालना और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोप सामने आए थे।
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, जबरन धर्म परिवर्तन और यौन शोषण के आरोप सामने आने के बाद TCS के नासिक कार्यालय में ऑपरेशन बंद कर दिया गया है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन भी किया जा चुका है।
महिलाओं ने क्या आरोप लगाए?
अब तक 8 महिला कर्मचारियों ने सामने आकर आरोप लगाए हैं कि उन पर लंबे समय से जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जा रहा था। साथ ही, उन्हें शारीरिक शोषण का भी सामना करना पड़ा और कुछ विशेष धार्मिक प्रथाएं अपनाने के लिए मजबूर किया गया। इन आरोपों की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मी हाउसकीपिंग वर्कर बन दफ्तर में दाखिल हुईं, वहीं पुरुष पुलिस अधिकारियों ने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू कर दी।
कुछ महीनों तक लगातार जांच की गई, कंपनी में रहकर कंपनी की गतिविधियों पर ध्यान दिया गया। उसी आधार पर कई सबूत इकट्ठे हुए और इतने बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।
नासिक के पुलिस कमिश्नर संदीप कार्निक के मुताबिक, जिन सात पुरुष कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, वे TCS में एक गुट की तरह ऑपरेट कर रहे थे। गिरफ्तार पुरुष कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसार और शाहरुख शेख के रूप में हुई है।
टीसीएस नासिक केस क्या है?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 26 मार्च को 34 वर्षीय दानिश के खिलाफ बलात्कार और जबरन धर्मांतरण के प्रयास के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने इसके बाद जांच के दौरान अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ और कुल 8 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, दानिश के खिलाफ रेप का मामला इसलिए दर्ज किया गया, क्योंकि उसने पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए थे। साथ ही उस पर महिला पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने का भी आरोप है। इस मामले में ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चैनानी भी पुलिस कस्टडी में है।
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