टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर नासिक की अदालत 2 मई को फैसला सुनाएगी। टीसीएस की नासिक स्थित बीपीओ यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से जुड़े मामले में निदा खान वांछित आरोपी हैं।

सोमवार को अदालत ने इस याचिका पर अंतिम दलीलें सुनीं। तब तक निदा को गिरफ्तारी से कोई राहत नहीं मिली है और नासिक सिटी पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. जी. जोशी की अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें इन-कैमरा (बंद कमरे) में सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

बुर्का, धार्मिक किताबें और ऐप्स

अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि खान ने पीड़िता को बुर्का, धार्मिक किताबें देने और उसके फोन में धार्मिक ऐप्स इंस्टॉल करने के जरिए उसके कथित धर्म परिवर्तन में भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के घर से कुछ किताबें जब्त की गई हैं। उसके फोन में कुछ धार्मिक ऐप्स पाए गए जिन्हें डाउनलोड और इस्तेमाल करने निदा ने उसकी मदद की थी।

उन्होंने आगे हताया कि निदा खान ने पीड़िता को एक बुर्का भी दिया था। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि निदा खान को कस्टडी में लेकर पूछताछ करना जरूरी है, इसलिए उनकी अग्रिम जमानत याचिका (ABA) खारिज की जानी चाहिए।

इससे पहले बचाव पक्ष ने पहले यह कहते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी कि निदा गर्भवती है और उसके खिलाफ आरोप केवल एक ही मामले तक सीमित हैं।

सोमवार को बचाव पक्ष ने दलील दी कि अगर यह मान भी लिया जाए कि आरोप सही हैं, तब भी महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन के खिलाफ कोई ऐसा कानून नहीं है जिसके तहत उसे आरोपी बनाया जा सके। उस पर अधिकतम धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला ही चल सकता है।

यह देवालाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज पहली एफआईआर थी जो Tata Consultancy Services (TCS) नासिक केस से संबंधित है। इसमें दुष्कर्म, धार्मिक भावनाएं आहत करने और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। कुल मिलाकर इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज की गईं जिनमें से अब तक सात को गिरफ्तार किया जा चुका है।

टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि वह लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाए हुए है और नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

निदा खान कहां है?

पुलिस की जांच के बीच निदा खान की सही लोकेशन अभी साफ नहीं है। पुलिस ने कहा कि वह फरार है और टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड ऑपरेशन के ज़रिए उसकी हरकतों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस के एक बयान के मुताबिक निदा को ढूंढने के लिए तीन अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…