नासिक की एक विशेष अदालत ने कथित धार्मिक उत्पीड़न मामले में आरोपी टीसीएस कर्मचारी निदा खान को जमानत दे दी। भगवान कृष्ण के कारागार में जन्म का उदाहरण देते हुए अदालत ने कहा कि किसी भी बच्चे को जेल में जन्म लेने के सामाजिक कलंक को सहन नहीं करना चाहिए।

पांच महीने की गर्भवती निदा खान को उनकी गिरफ्तारी के दो महीने से अधिक समय बाद सोमवार को जमानत मिल गई। गुरुवार को जारी किए गए अदालत के विस्तृत आदेश में कहा गया कि उनके अजन्मे बच्चे के हित में उनके पक्ष में न्यायिक विवेक का प्रयोग करना उचित और न्यायसंगत होगा।

निदा खान पांच महीने की गर्भवती हैं

विशेष न्यायाधीश केजी जोशी ने अपने आदेश में कहा, “इस बात में कोई विवाद नहीं है कि आवेदक निदा पांच महीने की गर्भवती हैं। भगवान कृष्ण की तरह जेल में जन्म लेने का आघात और उससे जुड़ा सामाजिक कलंक किसी के लिए भी असहनीय है। ऐसी स्थिति से बचने और नवजात शिशु के सर्वांगीण कल्याण के लिए आवेदक-आरोपी के पक्ष में न्यायिक विवेक का प्रयोग करना न्यायसंगत और उचित होगा।”

निदा पर टीसीएस नासिक मामले में आरोप

निदा खान उन आठ कर्मचारियों में से एक हैं जिन पर टीसीएस नासिक मामले में आरोप लगाए गए हैं। नासिक शहर पुलिस ने 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच नौ एफआईआर दर्ज की हैं जिनमें नासिक स्थित टीसीएस बीपीओ कार्यालय में सहकर्मियों के यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया गया है। उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और एक सहकर्मी को कथित तौर पर बुर्का और धार्मिक पुस्तकें देकर और उसके फोन में धार्मिक ऐप इंस्टॉल करके इस्लामी परंपराओं का पालन करने के लिए प्रभावित करने का आरोप है।

अदालत ने हिना पर कई शर्तें लगाईं

सत्र न्यायालय द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने हिना पर कई शर्तें लगाईं, जिनमें शिकायतकर्ता के कार्यस्थल या आवासीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक शामिल है। अदालत ने उन्हें शिकायतकर्ता, किसी भी गवाह या मामले से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने से भी मना किया है। उन्हें अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ने से भी मना किया गया है और अदालत तथा जांचकर्ताओं को अपना पता और संपर्क नंबर सूचित करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि शर्तों का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी।

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महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस (TCS) कार्यालय में अवैध धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न मामले की एक बड़ी घटना सामने आई है। कोर्ट ने इस मामले में महिला आरोपी निदा खान को अपराधी के दो महीने बाद अदालत से जमानत दी है। इसके अलावा तौसीफ अख्तर को भी कोर्ट ने जमानत संबंधित राहत दे दी है। हालांकि, दानिश शेख को अदालत से कोई राहत नहीं मिली और उसकी जमानत खारिज कर दी गई। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें