टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) की नासिक यूनिट में धर्मांतरण मामले की जांच चल रही है। इस मामले की जांच में कथित तौर पर नशीली चीज के रूप में एक मिठाई अहम सुराग के तौर पर सामने आई है। एक कर्मचारी के मुताबिक आरोपी पहले दोस्त बने और फिर उसे धर्म बदलने के चक्कर में फंसा दिया। कर्मचारी ने बताया कि ईद पर सात संदिग्धों में से एक तौसीफ बिलाल अत्तर के घर पर ‘शीर खोरमा’ खाने के बाद उसे बहुत ज़्यादा नशा और उलझन महसूस हुई। TCS की नासिक यूनिट में धर्मांतरण मामले की जांच चल रही है। इस मामले की जांच में कथित तौर पर नशीली चीज के रूप में एक मिठाई अहम सुराग के तौर पर सामने आई है।
‘काला जादू’ का किया दावा
इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी निजी पारिवारिक शिकायतों और मानसिक परेशानी का फ़ायदा उठाकर आध्यात्मिक समाधान के तौर पर ‘काला जादू’ का सुझाव दिया। कर्मचारी ने दावा किया कि उस पर धार्मिक निशान पहनने का दबाव डाला गया और उसे फ़िल्माया गया। साथ ही आरोपी ने पुलिस को दिए एक बयान में कहा कि उसने अपने ऑफ़िस में अपने सीनियर अधिकारियों को मनगढ़ंत नेगेटिव परफ़ॉर्मेंस रिपोर्ट भेजी ताकि प्रोफ़ेशनल अस्थिरता पैदा हो और ग्रुप पर उसकी निर्भरता बढ़े।
सूत्रों का कहना है कि जिस होटल में कर्मचारी को कथित तौर पर उसके धार्मिक विश्वास के ख़िलाफ खाना खाने के लिए मजबूर किया गया था, वह पुलिस की नजर में है। एक अहम सबूत उसकी धार्मिक कपड़ों में एक फ़ोटो है, जिसे कथित तौर पर ‘TCS नासिक’ WhatsApp ग्रुप में ‘धर्म बदलने’ की प्रक्रिया को डॉक्यूमेंट करने के लिए अपलोड किया गया था। जांच अधिकारी उस खास दुकान का पता लगा रहे हैं जहां से वायरल वीडियो में धार्मिक टोपी खरीदते हुए देखा गया था। उस मारुति स्विफ्ट कार को भी ज़ब्त करने की कोशिश की जा रही है जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर कर्मचारी को अलग-अलग जगहों पर ले जाने के लिए किया गया था।
सात आरोपियों को TCS ने किया सस्पेंड
धर्म बदलने के अलावा ऑफिस की कई महिला कर्मचारियों ने भी अपने साथ काम करने वालों पर शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने अब तक सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और 9 FIR दर्ज की हैं। सभी सात आरोपियों को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ ने सस्पेंड कर दिया था।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को एक बड़ी टेक्निकल कामयाबी मिलने के बाद जांच तेज हो गई। नासिक सिटी पुलिस ने कहा कि रीजनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (RFSL) में आरोपी दानिश शेख के मोबाइल फोन पर हाई-लेवल डिजिटल सिक्योरिटी को जांचकर्ताओं ने तोड़ दिया है। खबर है कि शेख ने हर फ़ाइल और एप्लिकेशन को अलग-अलग पासवर्ड और Face ID से लॉक कर लिया था। इसके कारण टेक्निकल एनालिसिस कई दिनों तक रुका रहा। एक स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद SIT आरोपी को लैब में ले गई ताकि वह डिवाइस को अनलॉक करने के लिए उसके Face ID का इस्तेमाल कर सके, जिससे अधिकारियों को एन्क्रिप्टेड डेटा और कम्युनिकेशन का एक्सेस मिल गया। इससे जरूरी सबूत मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने कहा कि जांच का फोकस फिजिकल सबूत इकट्ठा करना और संदिग्धों के डिवाइस पर मिले डिजिटल ट्रेल की पुष्टि करना है। मुंबई नाका पुलिस ने चार मुख्य संदिग्धों (तौसीफ बिलाल अत्तर, दानिश एजाज शेख, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, और रजा रफीक मेमन) को कोर्ट से जारी वारंट के तहत नासिक रोड सेंट्रल जेल से ट्रांसफर करते हुए फॉर्मल कस्टडी ले ली है। आरोपियों पर यौन शोषण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कामों जैसे गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने उन्हें 29 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि SIT कथित धर्मांतरण रैकेट के पीछे के बड़े नेटवर्क और संभावित फंडिंग की जांच कर सके।
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TCS मामले के एक आरोपी की बीवी ने इंडियन एक्सप्रेस से नाम न बताने की शर्त पर बात की है। उन्होंने कहा कि दानिश शेख और एक महिला के बीच रिश्ता था। पढ़ें पूरी खबर
