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हिंदू पाकिस्तान विवाद: तस्लीमा नसरीन बोलीं- ‘हिंदू इंडिया’, ‘मुस्लिम इंडिया’ से बेहतर

बांग्लादेश की प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन भी हिंदू पाकिस्तान विवाद में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू इंडिया मुस्लिम इंडिया से काफी ज्यादा अच्छा है।

तसलीमा नसरीन मूल रूप से बांग्लादेश की है। ( file photo)

कांग्रेस के दिग्गज नेता शशि थरूर द्वारा शुरू किए गए हिंदू पाकिस्तान विवाद में अब बांग्लादेश की चर्चित लेखिका तसलीमा नसरीन भी शामिल हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू इंडिया मुस्लिम इंडिया से बेहतर है। तस्लीमा ने एक ट्वीट कर लिखा कि, “इंडिया हिंदू पाकिस्तान नहीं है। इंडिया हिंदू इंडिया है। हिंदू इंडिया मुस्लिम इंडिया से काफी अच्छा है। सबसे अच्छा सेक्यूलर इंडिया है। यहां सेक्यूलर का मतलब धर्मिक नहीं, बल्कि गैर-धार्मिक है।”

तस्लीमा के ट्‍वीट का जहां कुछ लोगों ने विरोध किया है तो कुछ ने समर्थन। कई ने तस्लीमा के गैर धार्मिक समाज की बात का खुलकर समर्थन किया है। एक यूजर ने रिट्वीट किया कि आजादी के बाद भारत हिंदुओं के लिए और पाकिस्तान मुस्लिमों के लिए बना। यहां सेक्युलर का कोई स्थान नहीं है। हम स्वाभाविक रूप से धर्मनिरपेक्ष हैं, जो अब गले फांस बनता जा रहा है। हमें 1947 की सहमति पर वापस जाना होगा। ‘सेक्युलर’ शब्द को ही समाप्त करने की आवश्यकता है।

 

दरअसल, इस विवाद की शुरूआत शशि थरूर ने की थी। उन्होंने कहा था कि यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा जीतती है तो भारत हिंदू पाकिस्तान बन जाएगा। भारतीय जनता पार्टी एक नया संविधान लिखेगी, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का कोई सम्मान नहीं किया जाता हो। संविधान हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतो पर आधारित होगा। थरूर के इस बयान पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा था कि कांग्रेस एक बार फिर देश के हिंदुओं को नीचा दिखाने व बदनाम करने का काम कर रही है। कांग्रेस को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। हिंदू पाकिस्तान की बात करना लोकतंत्र पर हमला है। थरूर को हिंदुओं का इतिहास पढ़ना चाहिए। थरूर के ऐसे बयानों से तो लश्कर ए तैयबा और आतंकी हाफिज भी उनका फैन बन जाएगा। हालांकि, कांग्रेस ने भी अपने नेता शशि थरूर के के हिंदू पाकिस्तान वाले बयान को खारिज करते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र और इसके मूल्य काफी मजबूत हैं। भारत कभी पाकिस्तान बनने की स्थिति में नहीं जा सकता। नेता किसी तरह का बयान देते समय सावधानी बरतें।

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