एक्सपर्ट पैनल ने भारत के वैक्सीन उत्पादन को बताया नाकाफी, बोले हेल्थ सेक्रेट्री- टास्क फोर्स का दावा सही नहीं

22 सदस्यों वाली इंडिया टास्क फ़ोर्स ने दावा किया है कि भारत में हर महीने सिर्फ 70-80 मिलियन वैक्सीन उत्पादन करने की क्षमता है जबकि सरकार ने हर महीने 150 मिलियन डोज देने का लक्ष्य रखा है।

corona vaccine, india, task force22 सदस्यों वाली इंडिया टास्क फ़ोर्स ने दावा किया कि भारत में हर महीने सिर्फ 70-80 मिलियन वैक्सीन उत्पादन करने की क्षमता है जबकि सरकार ने 150 मिलियन डोज देने का लक्ष्य रखा है।(फोटो – पीटीआई)

भारत में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि सरकार कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए टीकाकरण अभियान को भी काफी जोरो शोरों से चला रही है। इसी बीच कोरोना टीकाकरण से जुड़े एक एक्सपर्ट पैनल ने दावा किया है कि भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता सरकार के द्वारा बनाए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए नाकाफी है। हालांकि हेल्थ सेक्रेटरी ने एक्सपर्ट पैनल के दावों को ख़ारिज कर दिया है।

22 सदस्यों वाली इंडिया टास्क फ़ोर्स ने दावा किया है कि भारत में हर महीने सिर्फ 70-80 मिलियन वैक्सीन उत्पादन करने की क्षमता है जबकि सरकार ने हर महीने 150 मिलियन डोज देने का लक्ष्य रखा है। साथ ही कमिटी ने कहा है कि भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता देश की जनसंख्या के हिसाब से नाकाफी हैं। इसके अलावा कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा कि वैक्सीन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जाना जरुरी है।

टास्क फ़ोर्स के इन दावों पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने समाचार पत्र टेलीग्राफ से कहा कि सभी राज्यों को कुल मिलाकर अबतक करीब 131 मिलियन डोज भेजे गए हैं। जिसमें से 114 मिलियन डोज ही लोगों को दिए गए हैं। इसके अलावा अभी सभी राज्यों के स्टॉक में कुल मिलाकर 16.7 मिलियन डोज बाकी हैं। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि और 20 मिलियन कोरोना वैक्सीन राज्यों को भेजे जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों को अपने यहां चल रहे टीकाकरण अभियान पर नजर राखी चाहिए ताकि वैक्सीन की बर्बादी नहीं हो सके।   

कोरोना वैक्सीन और महामारी के लिए बनी इस कमिटी में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स समेत कई अकादमिक शोधकर्ता भी शामिल हैं। कमिटी ने इसके अलावा टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए तीन फार्मूले भी सुझाए हैं। कमिटी ने कहा कि वैक्सीन के लिए जरुरी सामग्री को बाहर से आयत करवा कर, टीकाकरण के लिए कई अन्य निर्माताओं को आमंत्रित कर और वैक्सीन निर्माताओं को वित्तीय सहायता देकर टीकाकरण को बढ़ावा दिया जा सकता है।

बता दें कि पिछले दिनों कई राज्य सरकारों ने कहा था कि अगर उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से वैक्सीन की उचित आपूर्ति नहीं होती है तो वह कोरोना टीकाकरण बंद कर देंगे। इन राज्यों में पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और उड़ीसा समेत कई राज्य शामिल थे। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार ने केंद्र को लिखे एक पत्र में भी कहा है कि उनके पास अब सिर्फ 6-7 दिन का स्टॉक है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी तक देश में करीब 11 करोड़ 44 लाख 93 हजार 238 कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है।

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