ताज़ा खबर
 

26 जनवरी की परेड का नेतृत्व करेंगी तान्या शेरगिल, सेना दिवस पर वायराल हुआ था वीडियो

वीडियो के साथ उनकी एक फोटो भी वायरल हुई जिसमें तान्या अपने कंधे पर एक हथियार रखा हुआ है।

Author Updated: January 21, 2020 2:46 AM
पंजाब के होशियारपुर के गढ़दीवाला कस्बे की रहने वाली तान्या को बहादुरी विरासत में मिली है।

बुलंद आवाज, जोशीले अंदाज और अपने नपे तुले कदमों की थाप के साथ कैप्टन तान्या शेरगिल इस साल गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राजपथ से सेना की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। वह परेड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला परेड एडजुटेंट (सैन्य अधिकारी) होंगी। तान्या शेरगिल का नाम उस समय सुर्खियों में आया जब उन्होंने 15 जनवरी को आयोजित 72वें सेना दिवस (आर्मी डे) पर आर्मी परेड का नेतृत्व किया। सैन्य इतिहास में पहली बार एक महिला कैप्टन ने आर्मी परेड का नेतृत्व किया। तान्या सेना दिवस परेड में परेड एडजुटेंट के रोल में थीं। इस पद पर मौजूद व्यक्ति परेड से जुड़ी सारी जिम्मेदारी संभालता है। आम तौर पर एडजुटेंट वो होता है जो कमांडिंग अफसर को असिस्ट करता है, और कॉरेस्पोंडेंस (आपस में संपर्क) की जिम्मेदारी सम्भालता है। तान्या ने जिन टुकड़ियों को लीड किया था, उनमें सभी पुरुष थे।

सेना दिवस पर परेड का नेतृत्व करते हुए तान्या का वीडियो भी बीते दिनों वायरल हुआ था, जिसके बाद हर कोई उनकी बहादुरी और जज्बे को सलाम करने लगा। वीडियो के साथ उनकी एक फोटो भी वायरल हुई जिसमें उन्होंने अपने कंधे पर एक हथियार रखा हुआ है। इसके बाद कहा जाने लगा कि तान्या बचपन में हथियारों से खेला करती थी। एक साक्षात्कार के दौरान तान्या ने कहा, ‘जब हम यूनिफॉर्म पहन लेते हैं, उसके बाद हम सिर्फ आॅफिसर्स होते हैं। उस समय लिंग मायने नहीं रखता, जो मायने रखता है वो है योग्यता। जो भी लड़कियां और महिलाएं अपने सपने पूरे करने की कोशिश में लगी हुई हैं, उनको खुद पर भरोसा करना सीखना होगा। इससे फर्क नहीं पड़ता अगर कुछ लोग ऐसा सोचते हैं कि वो लड़कों और पुरुषों से किसी मायने में कम हैं। मैं उन्हें बस यही बोलूंगी कि अपने लक्ष्य पर फोकस करो, और उन्हें पाने के लिए जी-जान से मेहनत करो।’

पंजाब के होशियारपुर के गढ़दीवाला कस्बे की रहने वाली तान्या को बहादुरी विरासत में मिली है। वह अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं जो सेना में भर्ती हुई हैं। उनके पिता ने 101 मध्यम रेजिमेंट (आर्टिलरी) में सेवा दी है। तान्या के दादाजी 14 वीं सशस्त्र रेजिमेंट (सिंडी हॉर्स) और परदादा सिख रेजिमेंट में पैदल सैनिक के रूप में सेवा दे चुके हैं। तान्या के पिता सूरत सिंह और मां लखविंदर गढ़दीवाला में रहते हैं।

1993 में जन्मी तान्या की स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय मुंबई से हुई। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार में बीटेक किया है। वह आॅफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) चेन्नई से स्नातक हैं। वह 2017 में कॉर्प्स आॅफ सिग्नल्स में कमीशन हुई थी। कॉर्प्स आॅफ सिग्नल्स सेना की एक शाखा है जो मिलिट्री कम्युनिकेशन संभालती हैं। वर्तमान में तान्या मध्यप्रदेश के जबलपुर के 1-सिग्नल प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ हैं। पांच फुट नौ इंच लंबी तान्या को घूमने, संगीत और फोटोग्राफी काफी पसंद है।

एक महिला होने के नाते तान्या की यह उपलब्धि बहुत बड़ी है। उनकी यह उपलब्धि पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में महिलाओं के बढ़ते दखल और महत्व को बयां करती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए राष्ट्रपति ने दिए रामनाथ गोयनका पुरस्कार, कहा- फर्जी खबरें बनीं नया खतरा
2 शाहीन बाग की औरतों ने बीजेपी आईटी प्रमुख को भेजा मानहानि का नोटिस, अमित मालवीय ने पैसे लेकर प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही थी
3 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा- टुकड़े-टुकड़े गैंग को लेकर कोई जानकारी नहीं है, RTI के जरिये मांगी गई थी सूचना
ये पढ़ा क्या?
X