तमिलनाडु बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई (K. Annamalai) का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) ने शुक्रवार को स्वीकार कर लिया। अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे फेसबुक लाइव पर अपनी बात रखेंगे। अन्नामलाई 2019 में भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे और 2020 में बीजेपी में शामिल हुए थे।

कुछ समय पहले, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। उस वक्त यह चर्चा थी कि यह कदम AIADMK के साथ गठबंधन को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसके बाद पार्टी ने नैनार नागेंद्रन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा।

चुनाव में बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ। AIADMK से 27 सीटें मांगने के बावजूद पार्टी को सिर्फ 1 सीट मिली। कई बड़े नेता चुनाव हार गए और पार्टी का वोट शेयर भी काफी घट गया। पिछले कई दिनों से उनके पार्टी से अलग होने और नया राजनीतिक दल बनाने की चर्चा थी।

इस बीच मंगलवार 2 जून को अन्नामलाई अचानक दिल्ली पहुंचे। वहां उनके इस्तीफे और नई पार्टी बनाने की खबरें भी सामने आईं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की और 5 पन्नों का एक पत्र सौंपा। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की।

पार्टी की ओर से उन्हें सलाह दी गई कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और थोड़ा इंतजार करें। बाद में यह भी चर्चा रही कि वे प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया। पार्टी ने शुक्रवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के 2011 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं

के. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के 2011 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्हें ‘सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता था। सूत्रों ने बताया कि अन्नामलाई ने बीजेपी हाईकमान के सामने दो विकल्प रखे थे: या तो उन्हें कम से कम सात साल के लिए काफी आजादी और अधिकार के साथ तमिलनाडु बीजेपी चीफ के तौर पर बहाल किया जाए, या उन्हें अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने की इजाजत दी जाए।

पार्टी के अंदर के लोगों ने इशारा किया कि वह तमिलनाडु में एक नई पॉलिटिकल पार्टी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम हाल के विधानसभा चुनाव के बाद हुआ है, जहां राज्य की दो बड़ी द्रविड़ पार्टियों, डीएमके और एआईएडीएमके को झटका लगा, जबकि अभिनेता से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार जीत हासिल की।