जोसेफ विजय आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। अपनी पार्टी टीवीके को यहां तक पहुंचाने में विजय का बहुत बड़ा रोल है, तो वहीं, पर्दे के पीछ छह ऐसे भी किरदार हैं, जिनका नाम चुनाव से पहले शायद ही कोई जानता हो, लेकिन अब हर कोई उनका जानता है, क्योंकि विजय के बाद इन छह किरदारों का पार्टी और विजय को मुख्यमंत्री पद तर पहुंचाने का इनका अहम योगदान रहा है।

विजय के इन छह अहम किरदारों ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मॉडल पेश किया है। यहां पारंपरिक जिला नेताओं या राजनीतिक परिवारों के वारिसों की जगह फैन क्लब आयोजकों, सलाहकारों, पूर्व अफसरों, सोशल मीडिया पर सक्रिय चेहरों और प्रभावशाली वक्ताओं को जगह मिली है।

विजय के आसपास एक ऐसा राजनीतिक नेटवर्क तैयार हो रहा है, जो पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों जैसा नहीं दिखता। इसमें सिनेमा, सोशल मीडिया, ब्रांडिंग और लोगों से भावनात्मक जुड़ाव का मिश्रण साफ नजर आता है। टीवीके सिर्फ पार्टी दफ्तरों में नहीं, बल्कि लोगों की भीड़, सेल्फियों और फैन कल्चर के बीच भी आकार ले रही है। आइए जानते हैं विजय के पीछे की छह प्रतिभाओं के बारे में, जिन्होंने पार्टी को शिखर पर पहुंचाया।

‘बुस्सी’ आनंद (Bussy Anand)

विजय के करीबी लोगों में सबसे प्रमुख 61 वर्षीय एन “बुस्सी” आनंद हैं। जो टीवीके के महासचिव और चेन्नई के टी नगर निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक हैं ।

आनंद टीवीके के अधिकांश विधायकों से उम्र में बड़े हैं। नव निर्वाचित पार्टी विधायकों की औसत आयु 45 वर्ष है और पूर्व एआईएडीएमके के दिग्गज नेता के. सेंगोत्तैयान (78) से छोटे हैं, जो अब टीवीके में हैं। हालांकि, पार्टी के उभरते नेताओं में वह एक और बड़ा चेहरा लगते हैं। अगर विजय किसी जिला स्तरीय कार्यक्रम में अनुपस्थित रहते हैं, तो अक्सर आनंद ही भीड़ को आकर्षित करते हैं। टीवीके की कई सभाओं में पार्टी कार्यकर्ता उन्हें एक पारंपरिक पदाधिकारी के बजाय अपने आंदोलन की सक्रिय धड़कन के रूप में देखते हैं। एक ऐसा नेता जो कार्यकर्ताओं को शांत भी कर सकता है और उनमें जोश भी भर सकता है।

पुडुचेरी के मूल निवासी आनंद ने सबसे पहले निर्वाचन क्षेत्र स्तर के आयोजक के रूप में राजनीति में प्रवेश किया और बाद में 2006 में पुडुचेरी मुन्नेत्रा कांग्रेस (पीएमसी) के विधायक के रूप में पुडुचेरी की बुस्सी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। एक ऐसी जीत जिसने इलाके का नाम उनके नाम से जोड़ दिया।

टीवीके में शामिल होने से पहले, उन्होंने ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एएनआरसी) के साथ कुछ समय बिताया, लेकिन उनकी असली राजनीतिक ताकत विजय के फैन क्लब इकोसिस्टम से उभरी- रक्तदान अभियान, कल्याणकारी कार्य, राहत गतिविधियां और सघन सामाजिक नेटवर्क जिसने सिनेमाई फैनडम को एक प्रारंभिक राजनीतिक बुनियादी ढांचे में बदल दिया।

जब विजय ने 2024 में औपचारिक रूप से टीवीके पार्टी की शुरुआत की तो आनंद उनके भरोसेमंद मं नंबर 2 बन गए। 2026 के चुनावों में उन्होंने टी नगर से 13,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण जीत में से एक हासिल की। टीवीके के वफादारों के लिए, आनंद इस संभावना का प्रतिनिधित्व करते हैं कि एक प्रशंसक टीवीके में एक वास्तविक राजनीतिक मशीन में ढल सकता है।

जॉन अरोकियास्वामी (John Arokiasamy)

अगर आनंद पार्टी के आयोजक हैं तो 53 वर्षीय जॉन अरोकियास्वामी इसके चुनाव रणनीतिकार हैं। आंध्र प्रदेश में जन्मे इस राजनीतिक सलाहकार ने तिरुचि में अंग्रेजी साहित्य की शिक्षा प्राप्त की और चेन्नई में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रेनिंग ली। दक्षिण भारत में कई राजनीतिक दलों के लिए वर्षों तक चुपचाप काम करने के बाद वे टीवीके से जुड़े। विजय की पार्टी को आकार देने से पहले जॉन अरोकियास्वामी ने पीएमके के अंबुमणि रामदास, नाम तमिलर काची के सीमान सहित कई नेताओं को सलाह दी थी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान सिद्धारमैया और अविभाजित शिवसेना के पूर्व प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ उनकी काफी चर्चा हुई थी। तमिल राजनीतिक हलकों में उन्होंने एक ऐसे रणनीतिकार के रूप में ख्याति अर्जित की, जो न केवल नारों को, बल्कि माहौल को भी समझते थे। एक नेता को कैसा दिखना चाहिए, कैसी आवाज में बोलना चाहिए, किस तरह का रुझान होना चाहिए और भावनात्मक रूप से कैसे जुड़ना चाहिए।

अपनी फर्म JPACPersona के जरिए उन्होंने 2025 तक के लिए टीवीके के पहले राज्यव्यापी चुनाव ढांचे को डिजाइन करने में मदद की। तमिल टेलीविजन पैनल अब नियमित रूप से उन्हें विजय का “चाणक्य” कहते हैं। यानी वह पर्दे के पीछे का दिमाग जिसने एक जन-नायक की छवि को एक बड़ी राजनीतिक पहचान में बदलने में मदद की।

अरुण राज (Arun Raj)

जॉन अरोकियास्वामी के बाद नाम आता है डॉ. के.जी. अरुण राज का। राज की उम्र 42 वर्ष है और वे टीवीके के सबसे तकनीकी रूप से कुशल नेताओं में से एक हैं। एक चिकित्सक के रूप में उन्होंने 2009 में भारतीय राजस्व सेवा में कार्यभार संभाला। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने और 2025 में टीवीके में प्रचार और नीति महासचिव (Propaganda And Policy General secretary) के रूप में शामिल होने से पहले अरुण राज ने आयकर विभाग में कई वर्ष बिताए।

पार्टी के भीतर, वे एक मिश्रित भूमिका निभाते हैं – नीति निर्माता, टेलीविजन पर बहस करने वाले और संस्था निर्माता। डीएमके ने बार-बार आरोप लगाया कि उन्होंने विजय के खिलाफ 2020 के आयकर छापों का नेतृत्व किया था। इस आरोप को अरुण राज और टीवीके दोनों ने नकार दिया। लेकिन इस विवाद के बाद उनकी पहचान और ज्यादा बढ़ गई और वे पार्टी के सबसे चर्चित अंग्रेजी बोलने वाले नेताओं में शामिल हो गए।

आधव अर्जुन

अगर अरुण राज TVK में संगठन और नीति की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो 44 वर्षीय आधव अर्जुन पार्टी में जनसंपर्क और चुनावी रणनीति के बड़े चेहरे माने जाते हैं। वह लॉटरी कारोबारी सैंटियागो मार्टिन के दामाद हैं। अर्जुन पहले DMK के करीबी माने जाते थे और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के दामाद सबरीसन के साथ काम कर चुके हैं।

बताया जाता है कि DMK से लोकसभा टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने थोल तिरुमावलवन की पार्टी VCK जॉइन की, लेकिन बाद में वहां से भी अलग होकर 2025 में विजय की TVK में शामिल हो गए। अब TVK में अर्जुन चुनाव अभियान की पूरी रणनीति संभालते हैं। बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना, उम्मीदवारों का चयन और कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग जैसी जिम्मेदारियां उनके पास हैं।

अर्जुन बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं। उनकी राजनीति में सामाजिक न्याय, युवाओं को जोड़ने और आंबेडकरवादी सोच की झलक दिखती है। साथ ही वे विजय की चुनावी टीम को ज्यादा पेशेवर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस चुनाव में उन्होंने चेन्नई की विल्लीवक्कम सीट जीतकर TVK को शहर में एक और मजबूत आधार दिलाया।

निर्मल कुमार (Nirmal Kumar)

44 साल के सीटीआर निर्मल कुमार टीवीके के सूचना एवं सामाजिक मीडिया उप महासचिव हैं। उन्होंने पार्टी के चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। भाजपा के पूर्व डिजिटल वॉर रूम ऑपरेटर, जो बाद में कुछ समय के लिए एआईएडीएमके में शामिल हुए थे। अंततः विजय के खेमे में शामिल हो गए, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि टीवीके राज्य की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है।

विजय की जीत में उनका योगदान फैनडम को एल्गोरिदम में बदलने में निहित है। उनके नेतृत्व में, टीवीके के मीम नेटवर्क, व्हाट्सएप चैट और स्वयंसेवी तंत्र चुनाव चक्र के दौरान कथा की गति को निर्धारित करने वाली एक अनुशासित डिजिटल शक्ति के रूप में विकसित हुए।

राजमोहन अरुमुगम (Rajmohan Arumugam)

टीवीके द्वारा राजनीति को इंटरनेट युग के संचार के साथ एकीकृत करने के प्रयास को अपनाने वाली एक अन्य हस्ती राजमोहन अरुमुगम हैं, जिनका उदय बदलती मीडिया संस्कृति के बारे में उतना ही बताता है जितना कि स्वयं पार्टी के बारे में।

राजमोहन जिला सचिवों की बैठकों या पार्टी में दशकों के प्रशिक्षण से नहीं उभरे। बल्कि वे स्क्रीन, व्यंग्य और तमिल सोशल मीडिया की अनौपचारिक बातचीत के माध्यम से सामने आए। टीवीके के प्रचार सचिव बनने से पहले ही वे युवा दर्शकों के बीच एक हास्य कलाकार, अभिनेता, प्रेरक वक्ता और सामाजिक टिप्पणी की तीक्ष्ण समझ रखने वाले डिजिटल क्रिएटर के रूप में जाने जाते थे।

उनकी सार्वजनिक पहचान सबसे पहले Put Chutney और बाद में Tamil Vannakam जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से बनी। इन प्लेटफॉर्म्स ने शहरी तमिल युवाओं के बीच हास्य, राजनीति और सामाजिक मुद्दों को देखने का तरीका बदल दिया। इसी वजह से राजमोहन की राजनीतिक शैली पारंपरिक द्रविड़ नेताओं से काफी अलग मानी जाती है। वह भारी-भरकम नारों की भाषा में नहीं बोलते, बल्कि मीम्स, व्यंग्य, आम लोगों के गुस्से और हल्के-फुल्के मजाक के जरिए अपनी बात रखते हैं।

TVK के अंदर उनकी इस क्षमता को बड़ी ताकत माना जाता है। उनका काम सिर्फ पार्टी की बात लोगों तक पहुंचाना नहीं है, बल्कि उसे ऐसे कंटेंट में बदलना है जो आसानी से रील्स, यूट्यूब क्लिप्स, व्हाट्सऐप फॉरवर्ड्स और छोटे राजनीतिक वीडियो के जरिए तेजी से फैल सके।

चेन्नई में जन्मे और पले-बढ़े राजमोहन ने सबसे पहले Tamil Pechu Engal Moochu Season 2 जीतकर पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने रेडियो, टीवी और डिजिटल मीडिया में काम किया और फिर राजनीति में आए। उनका यह सफर पब्लिक स्पीकिंग रियलिटी शो से ऑनलाइन कमेंट्री और फिर पार्टी प्रचार तक TVK की उस सोच को दिखाता है, जिसमें राजनीति की एक नई शैली बनाने की कोशिश हो रही है। राजमोहन को इस नई राजनीति का चेहरा माना जाता है। उनकी शैली में व्यंग्य भी है, गंभीरता भी, मनोरंजन भी है और आंदोलन की भावना भी। यानी वे मीम और घोषणापत्र, दोनों की भाषा को साथ लेकर चलने वाले नेता की तरह दिखते हैं।

TVK के 93 नेता पहली बार बने हैं MLA, 40 पर क्रिमिनल केस; जानें विजय के विधायकों के बारे में

अभिनेता से नेता बने विजय की शपथ पर सस्पेंस खत्म हो चुका है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को रविवार को राज्यपाल ने शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। TVK के 108 विधायकों को कांग्रेस, VCK, लेफ्ट और मुस्लिम लीग (IUML) का समर्थन मिला है, जिससे कुल 121 MLA हो गए हैं। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 118 बहुमत का आंकड़ा है। अब सभी की नज़रें कैबिनेट मंत्रियों और TVK की लीडरशिप वाली सरकार पर होंगी। पढ़ें पूरी खबर।