ताज़ा खबर
 

VIDEO देख खौल उठेगा खून, अधिकारियों ने नदी में डलवा दिया टनों कचरा

कलेक्टर ने इसके बाद कार्यकारी सचिव गुनसेकरन और एक स्वच्छता पर्यवेक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया। इसके अलावा, दो अन्य गैर-संविदा मजदूरों को भी निलंबित कर दिया गया।

Author नई दिल्ली | Published on: December 7, 2019 1:18 PM
तमिलनाडु के कडलोर जिले में थित्तकुडी में एक पंचायत के कर्मचारियों ने कई टन कूड़ा एक नदी में बहा दिया।(फोटो-स्क्रीनशॉट)

देशभर में जहां नदियों और पर्यावरण को बचाने की मुहिम चलाई जा रही है वहीं एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसे देखकर आपका खून खौल उठेगा। दरअसल,तमिलनाडु के कडलोर जिले में थित्तकुडी में एक पंचायत के कर्मचारियों ने कई टन कूड़ा एक नदी में बहा दिया। इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। वीडियो में देखा गया कि थिटाकुडी और अरियालुर को जोड़ने वाले पुल पर ट्रक कतार में खड़े नजर आए।कुड्डालोर पिछले दो वर्षों से बारिश से बेहाल था।

फिलहाल मानसून के चलते राज्य के कई इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है।स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी में खराब होने वाले, गैर-बायोडिग्रेडेबल और फार्मा कचरे को डंप करने का फैसला किया। जब यह खबर जिला कलेक्टर वी अंबु सेलवन तक पहुंची, तो उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और नगर पंचायत अधिकारियों के आचरण की जांच की। कलेक्टर ने इसके बाद कार्यकारी सचिव गुनसेकरन और एक स्वच्छता पर्यवेक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया। इसके अलावा, दो अन्य गैर-संविदा मजदूरों को भी निलंबित कर दिया गया।

indianexpress.com से बातचीत के दौरान कुड्डलोर कलेक्टर ने कहा, “जो भी कारण हो सकता है, भले ही उन्होंने इसे अनजाने में किया हो, यह अस्वीकार्य है। हमने प्रशासन को एक मजबूत संदेश भेजने के बारे में सोचा, इसलिए हमने निलंबन शुरू किया। हमने सभी नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, हम ड्राइवरों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं सहित सभी श्रमिकों को जागरूकता कक्षाएं चला रहे हैं। कर्मचारियों को उनके काम के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। इस तरह की घटनाएं हमारे जिले में ही नहीं बल्कि राज्य में कहीं भी होनी चाहिए, ।”

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वार्षिक रिपोर्ट (2018-19) के अनुसार, राज्य में 12 निगम, 124 नगर पालिकाएँ और 528 नगर पंचायतें हैं जिनमें प्रति दिन कुल 13,968 टन (TPD) ठोस कचरा पैदा होता है। इनमें से 12,850 टीपीडी (यानी 92 फीसदी) ठोस कचरा एकत्र किया जाता है और 7,196 टीपीडी (56 फीसदी) का ट्रीट किया जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 प्रियंका गांधी बोलीं- महिलाओं को पुरुषों से छीन लेनी चाहिए सत्ता, तभी कर सकेंगी अपना बचाव; अपराध में UP नंबर वन
2 GDP पर संबोधन, गुजरात के मंत्री बोले- गांवों में शादी नहीं करना चाहती लड़कियां, शहरों को दे रहीं तवज्जो
3 पूर्व PM राजीव गांधी से वापस लिया जाए भारत रत्न, अकाली नेता बोले- 1984 में सेना बुलाई होती तो न होतीं हजारों सिखों की हत्याएं
ये पढ़ा क्या?
X