अभिनेता से नेता बने विजय की शपथ पर सस्पेंस खत्म हो चुका है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को रविवार को राज्यपाल ने शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। TVK के 108 विधायकों को कांग्रेस, VCK, लेफ्ट और मुस्लिम लीग (IUML) का समर्थन मिला है, जिससे कुल 121 MLA हो गए हैं। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 118 बहुमत का आंकड़ा है। अब सभी की नज़रें कैबिनेट मंत्रियों और TVK की लीडरशिप वाली सरकार पर होंगी।
युवा है विजय की टीम
हालांकि TVK की जीत के पीछे युवा वोटर एक बड़ा फैक्टर थे, लेकिन इसके कई विधायक भी काफी कम उम्र के हैं। 45 साल की औसत उम्र के साथ TVK के सबसे कम उम्र के विधायक 28 साल के हैं। वहीं पार्टी के 41 विधायक 40 से कम उम्र के हैं और सिर्फ़ 10 विधायक 60 या उससे ज़्यादा उम्र के हैं।
TVK अपने युवा वोटर को अच्छी तरह जानता है। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पार्टी के एक युवा नेता ने कहा, “मैंने TVK को इसलिए चुना क्योंकि यह एक नई पार्टी है और मुझे एहसास हुआ कि युवाओं को बहुत सारे मौके मिलेंगे।”
टीवीके के एक विधायक के मुताबिक, “दूसरी पॉलिटिकल पार्टियों का स्ट्रक्चर पुराने लोगों को बढ़ावा देता है, जबकि वे युवा खून चाहते हैं। लेकिन यहां, TVK ने सच में उन युवा लोगों को टिकट दिया जो दरवाज़ा खटखटाने आए थे।”
TVK के एक सूत्र के मुताबिक युवा पुरुषों और महिलाओं को शामिल करने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह था कि वे विजय के युवा फैनबेस के साथ तालमेल बिठा पाएंगे। एक सोर्स ने कहा, “एक पीढ़ीगत बदलाव ने विजय को आगे बढ़ाया और इसमें युवाओं ने अहम भूमिका निभाई है।”
93 नेता पहली बार बने हैं विधायक
हालांकि एक नई राजनीतिक पार्टी होने के नाते TVK को चुनाव लड़ने के लिए कई नए राजनीतिक लोगों पर निर्भर रहना पड़ा है, जिसमें कुछ ही नेता ऐसे हैं जिन्हें पहले का राजनीतिक और चुनावी अनुभव है। TVK के 107 विधायकों (विजय की दूसरी सीट को छोड़कर) में से 93 पहली बार विधायक बने हैं जिन्होंने अपने चुनावी डेब्यू में ही जीत हासिल की है। इसमें खुद पार्टी चीफ विजय भी शामिल हैं।
जबकि 6 अन्य विधायकों को राजनीतिक पार्टियों के सक्रिय सदस्य के रूप में पहले का अनुभव है। इसमें VCK के पूर्व पदाधिकारी आधव अर्जुन, बीजेपी और AIADMK के पूर्व पदाधिकारी आर निर्मल कुमार, डीएमके के पूर्व सदस्य आर एस मुरुगन, और 2024 में AIADMK के नीलगिरी लोकसभा उम्मीदवार लोगेश तमिलसेल्वन शामिल हैं, जो पूर्व विधानसभा स्पीकर पी धनपाल के बेटे हैं। टीवीके के केवल 8 विधायक पहले भी विधायक रह चुके हैं।
पिछले विधायकों में AIADMK के पूर्व तिरुपुर सांसद वी सत्यभामा, AIADMK के पूर्व विधायक वी नारायणन और एम वी करुप्पैया शामिल हैं। डीएमके के नेता रह चुके वी एस बाबू पहले एक बार विधायक रह चुके थे और उन्होंने इस चुनाव में कोलाथुर में पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को हराया था।
इस साल चुने गए TVK के अधिक अनुभवी नेताओं में के ए सेंगोट्टैयन शामिल हैं, जो लंबे समय तक AIADMK के नेता रहे हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री जयललिता और एडप्पादी के पलानीस्वामी के अधीन कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम किया है। एन सुब्रमण्यम 2006 से 2011 के बीच एक कार्यकाल के लिए विधायक थे। वहीं, एन आनंद पुडुचेरी से AINRC के पूर्व MLA हैं, जो TVK के जनरल सेक्रेटरी भी हैं। TVK के एक और पूर्व विधायक जे सी डी प्रभाकर हैं, जो दो कार्यकाल के लिए AIADMK विधायक रहे और पार्टी के लिए कुल छह चुनाव लड़े।
विधायकों के पास कितना अनुभव?
हालांकि TVK के बाकी विधायकों के पास फिल्म और मीडिया से लेकर मेडिसिन और लॉ तक का अनुभव है। 46 विधायकों का अपना खुद का बिज़नेस चलाने का बैकग्राउंड है, जबकि 19 कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े रहे हैं। टीवीके के विधायकों में 9 डॉक्टर और 8 वकील भी शामिल हैं, और 7 विधायक फिल्मों और दूसरे मीडिया से जुड़े रहे हैं।
40 विधायकों पर क्रिमिनल केस
एफिडेविट डेटा से यह भी पता चलता है कि 67 विधायकों (63%) के पास ग्रेजुएट डिग्री है। विजय उन 15 विधायकों में से हैं जिन्होंने कक्षा 12 तक पढ़ाई की है, जबकि 24 दूसरे विधायकों ने कक्षा 10 या उससे नीचे तक पढ़ाई की है। 67 विधायकों पर कोई क्रिमिनल केस पेंडिंग नहीं है, जबकि बाकी 40 विधायकों पर कम से कम एक क्रिमिनल केस पेंडिंग है।
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तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के नतीजों में किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया। इसकी सबसे बड़ी वजह राहुल गाधी और जोसेफ के बीच दोस्ती के 17 साल पुराने संबंध हैं। पढ़ें पूरी खबर
