तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बुधवार (13 मई 2026) विधानसभा में अपना पहला विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) का सामना करने जा रहे हैं। हालांकि, आंकड़े नए सीएम के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद तेज राजनीतिक उठापटक, तेजी से बदलते गठबंधन, अदालत के हस्तक्षेप और विपक्षी AIADMK में खुली बगावत से भरी रही है।

विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) विधानसभा चुनाव 2026 में 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से 10 सीटें कम रह गईं। हालांकि विजय ने दो सीटों से जीत हासिल की थी और उनमें से एक से इस्तीफा देने की वजह से यह कमी बढ़कर 11 सीटों की हो गई।

तमिलनाडु विधानसभा में आज विश्वास मत (Vote of Confidence)

विजय ने 118 विधायकों के समर्थन पत्र के साथ राज्यपाल को समर्थन सौंपकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। आज उन्हें विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना है।

विधानसभा के पहले दिन अस्थायी स्पीकर नियुक्त किया गया। वहीं दूसरे दिन स्थायी स्पीकर और उपाध्यक्ष का चुनाव हुआ और तीसरे दिन आज विश्वास मत पर मतदान होगा।

सबसे खास बात है कि तमिलनाडु विधानसभा में यह विश्वास मत पहली बार लाइव टेलीकास्ट किया जा रहा है जो इस राजनीतिक घटनाक्रम को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

9 साल बाद फ्लोर टेस्ट

9 साल बाद तमिलनाडु विधानसभा में आज फिर विश्वास मत (Trust Vote) होगा। इस दौरान बहुमत की परीक्षा या तो वॉइस वोट (ध्वनि मत) से या डिवीजन वोट के जरिए होगी। मुख्यमंत्री विजय कैबिनेट में विश्वास जताने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेंगे। चर्चा के बाद स्पीकर इस प्रस्ताव को मतदान के लिए रखेंगे।

अगर वॉइस वोट होता है तो विधायकों को ‘हां’ या ‘ना’ में जवाब देना होगा। वहीं डिवीजन वोट की स्थिति में मतदान 6 अलग-अलग समूहों में किया जाएगा जिसमें समर्थन और विरोध करने वाले विधायक अलग-अलग खड़े होंगे।

इसके बाद हर समूह की गिनती करके स्पीकर को रिपोर्ट दी जाएगी और आखिर में स्पीकर यह घोषणा करेंगे कि सरकार ने विश्वास मत हासिल किया या नहीं।

तमिलनाडु में गठबंधन सरकार

10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने विजय ने उसी दिन चुनावी वादों वाली तीन योजनाओं पर हस्ताक्षर किए थे। इनमें मुफ्त बिजली और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इसी दिन 9 विभागों के मंत्रियों ने भी शपथ ली। बता दें कि विजय को कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा सीपीआई, सीपीआई (M) और वीसीके ने भी अपना समर्थन दिया है।

इसके बाद 11 मई को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सभी विधायकों ने पदभार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री विजय ने तिरुची ईस्ट विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया था। उन्होंने पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में शपथ ली।

12 मई को विजय सरकार ने धार्मिक जगहों, शैक्षणिक संस्थानों और बस स्टैंड के आसपास बनी 717 शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला लिया था।