तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी पहली सूची में कई प्रमुख और चर्चित चेहरों को मैदान में उतारा गया है। सबसे अहम नामों में केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन का नाम शामिल है। इन्हें अवनाशी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, जो पार्टी के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाते हैं।
वहीं, वानिथी श्रीनिवासन को कोयंबटूर (उत्तर) सीट से टिकट दिया गया है, जो पहले भी इस क्षेत्र से चुनाव जीत चुकी हैं और दक्षिणी राज्य में भाजपा की मजबूत महिला नेता मानी जाती हैं। सूची में शामिल अन्य उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं –
- 6 अवाडी – एम. राजसिम्हा महिंद्रा (एम. अश्विनकुमार)
- 25 मायलापुर – डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन
- 56 थल्ली – डॉ. नागेश कुमार
- 63 तिरुवन्नामलाई – सी. एलुमलाई
- 92 रासिपुरम (SC) – डॉ. एस.डी. प्रेमकुमार
- 100 मोडकुरिची – कीर्तिका शिवकुमार
- 108 उधगमंडलम – भोजराजन
- 114 तिरुप्पुर (दक्षिण) – एस. थंगराज
- 168 तिरुवारुर – गोवी चंद्रु
- 174 तंजावुर – एम. मुरुगानंदम
- 178 गांधारवकोट्टई (SC) – सी. उदयकुमार
- 180 पुदुकोट्टई – एन. रामचंद्रन
- 183 अरंथंगी – कविता श्रीकांत
- 185 तिरुपत्तूर – के.सी. थिरुमारन
- 187 मनामदुरई (SC) – पोन वी. बलागणपति
- 192 मदुरै दक्षिण – प्रो. पी. राम श्रीनिवासन
- 204 सत्तूर – नैनार नागेन्द्रन
- 211 रामनाथपुरम – जीबीएस के. नागेन्द्रन
- 215 तिरुचेंदूर – केआरएम राधाकृष्णन
- 220 वासुदेवनल्लूर (SC) – अनंतन अय्यासामी
- 228 राधापुरम – एस.पी. बालकृष्णन
- 230 नागरकोइल – एम.आर. गांधी
- 231 कोलाचेल – टी. शिवकुमार
- 232 पद्मनाभपुरम – पी. रमेश
- 233 विलावनकोड – एस. विजायदभारणी
गौरतलब है कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव इसी महीने प्रस्तावित है। यहां 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। मौजूदा समय में राज्य में डीएमके के नेतृत्व में सरकार है और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन हैं। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से डीएमके गठबंधन और एआईएडीएमके-बजेपी गठबंधन के बीच माना जा रहा है, हालांकि अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इस बीच भाजपा ने भी अपनी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और कई प्रमुख चेहरों को मैदान में उतारा है। चुनाव में महिला वोटर्स, मुफ्त योजनाएं, रोजगार और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। इसके अलावा, नए राजनीतिक दलों की एंट्री और गठबंधन की बदलती रणनीतियां इस चुनाव को और दिलचस्प बना रही हैं। यह चुनाव न केवल तमिलनाडु की सत्ता तय करेगा, बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश के अग्रणी राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्रों में कल्याणकारी योजनाओं के मद में वित्तीय सहायता के साथ-साथ रोजगार पर केंद्रित वादे शामिल किए हैं। घोषणापत्रों में किए गए वादों में विकास बनाम निशुल्क कल्याणकारी के दम पर दोनों प्रमुख दल सत्ता में काबिज होने की पुरजोर कोशिश में जुटे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
