तमिलनाडु में कथित हिरासत में हुई मौत को लेकर राजनीति चरम पर पहुंच गई है। विपक्षी डीएमके ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय पर निशाना साधा है। डीएमके ने मांग की है कि विजय इस मुद्दे पर उसी तरह खुलकर बोलें जैसे उन्होंने डीएमके के सत्ता में रहते हुए हिरासत में हुई मौतों का मुद्दा उठाया था।

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से इस घटना पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पुलिस विभाग के प्रभारी व्यक्ति को हिरासत में हुई मौत से संबंधित परिस्थितियों का स्पष्टीकरण देना चाहिए।

तमिलनाडु सरकार में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के पास गृह मंत्रालय का प्रभार है। जिसके तहत पुलिस और कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक प्रशासन की देखरेख भी उनके हिस्से आती है।

कन्याकुमारी जिले की एक जेल में 13 जुलाई को 35 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति की हिरासत में मौत के मामले में पुलिस ने एक वार्डन सहित तीन जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

सबरी वर्मन को गुटखा बेचने के आरोप में दक्षिण थामराईकुलम पुलिस ने 9 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सोमवार सुबह उप-जेल में उनकी मृत्यु हो गई। 13 जुलाई को वर्मन के परिजनों ने अस्पताल में इकट्ठा होकर आरोप लगाया कि जेल के अंदर पीट-पीटकर उनकी हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 19 चोट के निशान पाए गए थे।

पुलिस की जांच और जेल के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज की छानबीन से पता चला कि 12 जुलाई की रात को जेल के अंदर कहासुनी हुई थी, जिसके दौरान वर्मन पर जेल कर्मियों ने हमला किया था। मुख्य वार्डन एन सुरेश और दो अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

विजय पर निशाना साधते हुए डीएमके ने याद दिलाया कि जब एमके स्टालिन मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने हिरासत में हुई मौत के एक मामले के खिलाफ आवाज उठाई थी। पार्टी ने पूछा कि अब वे चुप क्यों हैं?

पुलिस हिरासत में हुई मौत पर स्टालिन की प्रतिक्रिया की तुलना विजय की प्रतिक्रिया से करते हुए डीएमके नेता परंथमेन ने कहा कि जब पुलिस हिरासत में एक गार्ड की मौत हुई थी, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने जिम्मेदारी ली थी और परिवार से माफी मांगी थी।

डीएमके नेता ने आगे कहा कि विजय ने तब कहा था, ‘सर, हमें आपकी माफी नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए। नेता ने याद दिलाते हुए कहा कि आज तमिलनाडु की जनता विजय से कह रही है, ‘हमें रील नहीं चाहिए, हमें न्याय चाहिए। डीएमके प्रवक्ता हाफिजुल्लाह ने कहा कि जब विजय विपक्ष के नेता थे, तब उन्होंने हिरासत में हुई मौतों का मुद्दा बड़े पैमाने पर उठाया था। अब उनकी सरकार में पुलिस की ज्यादतियों के कारण जेल के अंदर एक मौत हो गई है।

पहली बार करूर भगदड़ पर सीएम विजय का रिएक्शन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पिछले साल करूर में हुई दर्दनाक भगदड़ को याद किया, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। करूर के एटलस ग्राउंड में उन्होंने पीड़ित परिवारों को हमदर्दी के आधार पर सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे और फिर एक बड़ी सभा को संबोधित किया। इस दौरान वह भावुक हो गए और कहा कि जिंदगी में मिली कोई भी कामयाबी उन 41 लोगों को खोने का दर्द कम नहीं कर सकती। पढ़ें पूरी खबर।