कांग्रेस तमिलनाडु के चुनाव में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए अरक्षित 6 सीटों पर चुनाव मैदान में है। कांग्रेस ने अपने पुराने चेहरों पर भी भरोसा जताया है और दो सीटों पर पुराने विधायकों को टिकट दिया है। वहीं बीते चुनाव में जिन चेहरों से पार्टी को नुकसान हुआ था, उन पर नए चेहरे का भी प्रयोग किया है। इस चुनाव में अनुसूचित जाति की सीटों पर कांग्रेस कानूनी न्याय, छात्रों को नई तकनीक से शिक्षण, बेहतर स्वास्थ्य माडल और विश्वस्तरीय सड़क एवं निर्माण माडल, किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ चुनाव मैदान में है।

2 सीटों पर मौजूदा विधायकों को टिकट

तमिलनाडु की पोन्नरी विधानसभा सीट पर कांग्रेस अपनी पुरानी सीट को बचाने के लिए चुनाव मैदान में है। यह एक अनुसूचित जाति की सीट है और यहां 2,48,917 मतदाता हैं। बीते चुनाव में पार्टी ने इस सीट पर कब्जा किया था और दुरई चंद्रशेखर यहां से विधायक रहे हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर से इन्हें उम्मीदवार बनाया है। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु का औद्योगिक गढ़ श्रीपेंरबदूरा विधानसभा है। कांग्रेस के सेल्वापेरुनथागई यहां से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट को कांग्रेस ने 11535 मतों से जीता था। कांग्रेस ने इस बार फिर से अपने पुराने उम्मीदवार पर ही भरोसा जताया है। यहां एआइएडीएमके को कुल 1,04,474 (39.53 फीसदी) मत मिले थे, जबकि इस सीट को कांग्रेस ने 10,879 वोट से जीता था। इस सीट पर लंबे समय तक एआइडीएमके का ही कब्जा रहा है। पार्टी ने उठांगराय विधानसभा से इस बार अपना उम्मीदवार बदला है, यहां पार्टी ने आर कप्पु स्वामी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर एआइएडीएमके का कब्जा हैं। इस सीट पर पिछली बार कांग्रेस व एआइएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला था। यहां एआइडीएमके को कुल 99,675 व कांग्रेस को 71,288 मत मिले थे। पार्टी ने यहां चेहरा बदलकर समीकरण बदलने की कोशिश की है। इस विधानसभा में कुल 2,33,500 मतदाता हैं।

एक अन्य सीट आत्तूर से कांग्रेस ने एसके अर्थनारी को टिकट दिया है। बीते चुनाव में कांग्रेस यहां मैदान में नहीं थी। यहां एआइएडीएमके (95308) का कब्जा था और दूसरे नंबर पर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पार्टी थी, लेकिन एसके अर्थनारी के लिए कांग्रेस से यह सीट नई नहीं है। इससे पहले वे 2011 व 2016 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि यहां कांग्रेस दूसरे ही नंबर पर थी आखिरी चुनाव में इन्हें 65,493 मत मिले थे।

1952 के बाद लड़ रही कांग्रेस

थुरैयुर विधानसभा में विचू लेलिन प्रसाद कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहां कांग्रेस लंबे समय बाद चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने 1952 में यहां चुनाव लड़ा था, उस समय कांग्रेस को कुल 19,804 मत मिले थे और कांग्रेस वह चुनाव हार गई थी। यहां कांग्रेस दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी। उस समय यह क्षेत्र मद्रास विधानसभा का हिस्सा थी। इस चुनाव के बाद से ही कांग्रेस सहयोगी दलों के साथ यहां चुनाव मैदान में रही हैं। बीते चुनाव में डीएमके ने इस सीट पर कब्जा किया था। इसी प्रकार शंकरनकोविल से कांग्रेस ने शंगई गणेश को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह सीट डीएमके की सीट है और बीते चुनाव में यहां 71347 वोट से जीत दर्ज कराई थी। यहां पर कांग्रेस के लिए डीएमके और एआइएडीएमके के उम्मीदवार की चुनौती रहेगी। इन दोनों दलों के बीच बीते चुनाव में सीधी टक्कर थी और पांच हजार से अधिक वोट से डीएमके यहां चुनाव जीती थी।

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तमिलनाडु चेन्नई की एगमोर विधानसभा सीट इस बार सिर्फ एक चुनावी मैदान नहीं, बल्कि ‘नई राजनीति की प्रयोगशाला’ बन गई है। यहां सभी बड़ी पार्टियों ने अपने पुराने चेहरों को किनारे कर, पहली बार चुनाव लड़ रहे युवा उम्मीदवारों पर दांव खेला है। पढ़ें पूरी खबर