तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पट्टुकोट्टई में एक शादी समारोह के दौरान रविवार को उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सरकार तमिलनाडु के विकास को पीछे ले जा रही है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि डीएमके सरकार के पांच साल के कार्यकाल में तमिलनाडु ने 11.19 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर देश में नंबर-1 राज्य का दर्जा हासिल किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को राज्य की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है और अब जनता भी इसे समझने लगी है।
उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य कानून-व्यवस्था और किसानों की परेशानी जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तैयारी के साथ सदन में आते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जवाब देने के लिए खड़े नहीं होते।
जूनियर स्टालिन ने आरोप लगाया कि सिर्फ तीन-चार मंत्री ही सवालों का जवाब देते हैं और उनके जवाब भी पूछे गए सवालों से मेल नहीं खाते। उदयनिधि ने कहा कि मंत्री मुद्दों का जवाब देने के बजाय ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।
उदयनिधि ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के विधायकों को जनता के मुद्दों पर विधानसभा में बोलने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्हें तो विधानसभा की कार्यवाही से दिन के लिए सिर्फ तीन-चार इंस्टाग्राम रील चाहिए।
डीएमके युवा शाखा के सचिव ने यह भी बताया कि टीवीके के 105 दिनों के शासन में समाज का सबसे अधिक प्रभावित वर्ग किसान हैं।
उन्होंने कहा कि डीएमके शासन के दौरान, मेट्टूर बांध से पानी 12 जून की निर्धारित तिथि पर छोड़ा जाता था। कभी-कभी तो इससे पहले भी छोड़ा जाता था। उन्होंने आगे कहा कि इस साल अगस्त के अंत तक भी कावेरी डेल्टा की सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से पानी नहीं छोड़ा गया है।
उदयनिधि ने कहा कि डेल्टा जिलों में कुरुवाई की खेती प्रभावित हुई है और किसानों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने विधायकों को कारें उपलब्ध कराने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाया।
उदयनिधि ने पूछा कि मुख्यमंत्री (सी. जोसेफ विजय) ने घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार किसानों के फसल ऋण पूरी तरह माफ करने के लिए धन न होने की बात कही थी, लेकिन अब सरकार ने सत्ताधारी दल के विधायकों के लिए गाड़ियां खरीदने का फैसला किया है। ये धनराशि कहां से आएगी?
उन्होंने आगे कहा कि डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने फैसला किया है कि डीएमके विधायक सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई गाड़ियां नहीं लेंगे। उदयनिधि ने कहा कि मैंने सरकार से यह भी कहा है कि वह पहले किसानों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं का समाधान करे। उन्होंने यह भी बताया कि टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय संकट का हवाला देते हुए महिलाओं के लिए 2,500 रुपये प्रति माह, प्रति वर्ष छह गैस सिलेंडर और बेरोजगार युवाओं के लिए 4,000 रुपये प्रति माह जैसे चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है।
डीएमके सांसद कनिमोझी ने क्या कहा?
वहीं, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि टीवीके के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, ऑनर किलिंग और पुलिस हिरासत में बंदियों की मौत जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इससे तमिलनाडु की कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल लोगों का कथित तौर पर टीवीके से संबंध है। कुछ मामलों में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन कई मामलों में पार्टी के पदाधिकारियों को अक्सर सजा नहीं मिलती।
तमिलनाडु में सरकारी कारों पर सियासत: DMK के 59 विधायकों ने लेने से किया इनकार
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि डीएमके के सभी 59 विधायक राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कारों का उपयोग नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर।
