ताज़ा खबर
 

1 रुपए में खाने से लेकर 10 रुपए में थिएटर तक, इन योजनाओं ने जयललिता को अम्मा के रूप में कर दिया “अमर”

उन्हें लोग प्रेम से ‘अम्मा’ कहकर पुकारते थे। उन्होंने ‘अम्मा ब्रांड’ के तहत लगभग 18 लोक कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की थीं।

Author December 6, 2016 10:55 AM
इन योजनाओं में शहरी गरीबों के लिए मात्र 1 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘अम्मा कैंटीन’ प्रमुख थी।

छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता ने राज्य के लिए कई सामाजिक क्षेत्र की योजनाएं शुरू की थीं। इसमें कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से निपटने के लिए ‘क्रैडल टू बेबी स्कीम’, बच्चियों को जन्म देने वाली महिलाओं को मुफ्त सोने का सिक्का देने जैसी योजनाएं प्रमुख हैं। उन्हें लोग प्रेम से ‘अम्मा’ कहकर पुकारते थे। उन्होंने ‘अम्मा ब्रांड’ के तहत लगभग 18 लोक कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की। “अम्मा” के नाम की सभी योजनाएं या तो पूरी तरह मुफ्त थीं, या फिर उसपर भारी सब्सिडी दी जाती थी। इन योजनाओं में शहरी गरीबों के लिए मात्र 1 रुपए में भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘अम्मा कैंटीन’ प्रमुख थी। इसी तरह गरीबों के लिए उन्होंने ‘अम्मा साल्ट’, ‘अम्मा वाटर’ और ‘अम्मा मेडिसीन’ योजनाएं भी शुरू की थीं। जयललिता ने राज्य में ऑटोमोबाइल और आईटी जैसे क्षेत्रों में विदेश से निवेश भी आकर्षित किया।

ये रही जयललिता द्वारा शुरू की गई योजनाओं की लिस्ट:

क्रैडल टू बेबी स्कीम: भ्रूण हत्या की समस्या से निपटने के लिए। इसके तहत महिलाएं बिना पहचान जाहिर किए अपने नवजात शिशु को सरकार को सौंप सकती थी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी फिर सरकार उठाती।

गोल्ड फॉर मैरिज स्कीम: इस स्कीम के तहत आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने पर सरकार की ओर से चार ग्राम सोना और 50 हजार रुपए तक का कैश दिया जाता था।

अम्मा कैंटीन: यह अम्मा ब्रांड की पहली स्कीम थी। इसके तहत मात्र 1 रुपए की कीमत में खाना दिया जाता था।

अम्मा वॉटर: इसके तहत पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर 10 रुपए कीमत में दिया जाता था।

अम्मा साल्ट: सरकारी आउटलेट्स पर कम कीमत में नमक बेची जाती थी।

अम्मा लेपटॉप: राज्य सरकार के कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को फ्री लेपटॉप दिए जाते थे।

अम्मा बेबी केयर किट: सरकारी अस्पताल में जन्में बच्चों को 16 तरीकों के बेबी प्रोड्क्ट दिए जाते थे।

अम्मा सीमेंट: इसे 2014 में लॉन्च किया गया, उस समय सीमेंट के दाम काफी ऊंचे थे। इसके तहत 50 किलो. का सीमेंट 190 रुपए में बेचा गया।

अम्मा ग्राइन्डर, मिक्सी, टेबल फैन: 2011 में सरकार ने गरीबों को मुफ्त में ग्राइन्डर, मिक्सी और टेबल फैन बांटे थे।

अम्मा बीज: किसानों को बढ़ावा देने के लिए AIADMK सरकार ने इसी वर्ष इस योजना को शुरू किया। मुफ्त में किसानों को बीज दिए गए।

अम्मा सर्विस सेंटर: इसके तहत हर बुधवार को सरकार की स्थानीय यूनिट बर्थ, डेथ सर्टिफिकेट, लाइसेंस, राशन कार्ड, पानी, सीवेज कनेक्शन जैसी पब्लिक सर्विस मुहैया कराती थी।

स्पेशल अम्मा कैंप: जिस प्रकार से सर्विस सेंटर शहरी लोगों के लिए था, ठीक उसी तरह ग्रामीण लोगों के लिए स्पेशल अम्मा कैंप शुरू किया गया।

जयललिता से जुड़ी पूरी कवरेज के लिए यहां क्लिक करें:

अम्मा कॉल सेंटर: किसी भी प्रकार की सरकारी शिकायत के लिए एक नंबर (1100) जारी किया गया, जिसपर अपनी समस्या दर्ज कराएं और जल्द निपटारा पाएं।

अम्मा मोबाइल: अम्मा कैंटीन में काम करने वाली महिलाओं के ग्रुप को मुफ्त में मोबाइल बांटे गए।

अम्मा फार्मेसी: सरकार द्वारा शुरू की गई फार्मेसी में बाजार से कम कीमत में ब्रांडेड और जेनरिक दवाईयां बेची जाती हैं।

अम्मा माइक्रो लोन स्कीम: इसके तहत छोटे व्यापारियों को कम कीमत वाले लोन मुहैया कराए जाते थे। 5000 रुपए तक का लोन लेने पर इसका ब्याज सरकार भुगतान करती थी।

अम्मा आरोग्य थित्तम: सरकारी लैब में लोगों का मास्टर हेल्थ चेक-अप किया जाता है। इसके लिए प्राइवेट सेंटर के मुकाबले 1/5 कीमत ली जाती थी।

अम्मा थिएटर प्रोजेक्ट: सरकारी थिएटर में 10 रुपए के टिकट पर फिल्म दिखाई जाती थी।

अम्मा जिम: ग्रामीण क्षेत्रों में जिम शुरू किया गया। जिसकी फीस प्रति व्यक्ति 10 रुपए की थी।

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का निधन, सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा; पन्नीरसेल्वम बने नए मुख्यमंत्री

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X