तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि डीएमके के सभी 59 विधायक राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कारों का उपयोग नहीं करेंगे।
उदयनिधि स्टालिन कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है।
सीपीआई के फ्लोर लीडर टी रामचंद्रन ने भी घोषणा की कि पार्टी के विधायक सरकारी गाड़ियां नहीं लेंगे। बाद में पीएमके नेता सौम्या अंबुमणि ने भी कहा कि उनके दो विधायक गाड़ियां लेने से इनकार कर देंगे। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का उपयोग धान खरीद केंद्र बनाने के लिए किया जा सकता है।
यह कदम विजय सरकार की उस घोषणा के जवाब में उठाया गया जिसमें कहा गया था कि सभी विधायकों को सरकारी गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी और ईंधन एवं रखरखाव के लिए प्रति माह 75,000 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विधायकों को सहायक के लिए 25,000 रुपये भी दिए जाएंगे।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्वयं बार-बार कहा है कि राज्य सरकार भारी कर्ज में डूबी है और दावा किया है कि पिछली सरकार ने सरकारी खजाने को पूरी तरह खाली कर दिया था। इसे देखते हुए, हमारे 59 सदस्यों ने सरकारी वाहन न लेने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि चुनाव शपथपत्र के आधार पर वाहन सुविधा केवल आर्थिक रूप से कमजोर विधायकों तक ही सीमित होनी चाहिए।
लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन ने पलटवार करते हुए कहा कि यह योजना विधायकों के बीच समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है, न कि कोई विलासिता। उन्होंने कहा कि कई नव निर्वाचित विधायक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं।
अर्जुन ने कहा कि वीसीके से एक विधायक हैं जो सार्वजनिक बस से यात्रा करते हैं। यह पहल समानता सुनिश्चित करती है। उन्होंने वीसीके के कट्टुमन्नारकोइल विधायक एल.ई. जोतिमणि द्वारा राज्य सरकार से कार की मांग का जिक्र करते हुए यह बात कही।
डीएमके के इस तर्क को खारिज करते हुए कि जिन विधायकों के पास कार है उन्हें सरकारी कारों की आवश्यकता नहीं है। अर्जुन ने कहा कि उदयनिधि के पास “कई बंगले हैं लेकिन वे सरकारी आवास में रहते हैं”।
इस टिप्पणी से डीएमके सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया और वरिष्ठ नेता के.एन. नेहरू उदयनिधि के बचाव में सामने आए। नेहरू ने कहा कि विपक्ष के नेता को कैबिनेट का दर्जा प्राप्त है और प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सरकारी आवास पाने का अधिकार है। नेहरू ने अर्जुन से कहा कि भले ही मंत्री अपने घर में रह रहे हों, सरकार उन्हें किराया भत्ता दे रही है। नेहरू ने कहा कि उन्हें वह भत्ता छोड़ देना चाहिए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने डीएमके को चेतावनी दे दी है कि उन्हें मजबूर न करें वरना वे डीएमके की पूर्व सरकार से जुड़ी भ्रष्टाचार की फाइलें सार्वजनिक कर देंगे। मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए निकाले गए कथित टेंडर को लेकर डीएमके और टीवीके नेताओं के बीच हुई तीखी बहस के एक दिन बाद सड़क बनाने के काम में कथित गड़बड़ियों को लेकर आई है। पढ़ें पूरी खबर।
