तमिलनाडु की सियासत में सरकार गठन को लेकर जारी हलचल के बीच DMK और AIADMK के संभावित गठबंधन की अटकलों पर विराम लग गया है। चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान DMK प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने साफ कहा कि DMK और AIADMK का साथ आना लगभग नामुमकिन है।

उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि ऐसा संभव है क्योंकि तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और एआईएडीएमके एक-दूसरे के सबसे बड़े राजनीतिक दुश्मन हैं।”

उन्होंने आगे कहा, ”डीएमके-एआईएडीएमके के अलावा राज्य में हो सकता है कोई नया आ जाए, लेकिन वो ज्यादा दिन नहीं टिकेगा।” डीएमके के सभी नए निर्वाचित सांसदों ने स्टालिन से फैसला लेने के सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि हम कैबिनेट बनाने नहीं जा रहे, विपक्षी पार्टी होने के नाते विधानसभा में कैसे काम करना है, इस पर फैसला वो लेंगे।

क्या DMK और AIADMK करेंगे गठबंधन? इस सवाल के जवाब में डीएमके के प्रवक्ता टीकेएस ने कहा- मैं नहीं जानता, ऐसा कोई विचार नही ंहै। जब उनसे सवाल किया गया कि क्या डीएमके सरकार बनाने की कोशिश करेगी तो उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने दस तारीख तक का टाइम दिया है। हमें तब तक इंतजार करना होगा। अगर विजय सरकार नहीं बना पाए तो हम विचार करेंगे। अपने साथी दलों से बात करेंगे और फिर तय करेंगे।

AIADMK से गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि टीवीके के 112 विधायक हैं, वो सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। इसके बाद ही हम विकल्प के बारे में सोच सकते हैं।

गौर करने वाली बात है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद राज्य की राजनीति में लगातार नए समीकरणों की चर्चा हो रही है। TVK प्रमुख विजय सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में लगे हैं जबकि दूसरी ओर विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि DMK के इस बयान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य की दो पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के बीच किसी तरह के गठबंधन की संभावना बेहद कम है।

विजय के पास नहीं है बहुमत का आंकड़ा

4 मई को आए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों में अभिनेता से राजनेता बने विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। टीवीके ने राज्य में 234 विधानसभी सीटों में से 108 पर जीत दर्ज की। लेकिन सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 है। राज्य में 5 सीटों पर जीत हासिल करने वाली कांग्रेस ने टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान किया है। इसके बावजूद पांच विधायक कम हैं और यही वजह है कि विजय के शपथग्रहण में लगातार देरी हो रही है।

‘विजय बहुमत का आंकड़ा लाकर दें’

विजय बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। लेकिन राज्यपाल ने उनसे ‘मैजिक नंबर’ पर स्पष्टता मांगी। राज्यपाल का कहना है कि विजय बहुमत के लिए जरूरी 118 का आंकड़ा लाकर दें और सरकार बना लें। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के समय बहुमत साबित करें।

TVK कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

बहुमत ना साबित कर पाने के चलते विजय राज्य में सरकार नहीं बन पा रहे हैं। राज्यपाल का विरोध करते हुए शुक्रवार को टीवीके समर्थकों ने चेन्नई में लोक भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच टीवीके महासचिव एन. आनंद चेन्नई के नीलांकरई स्थित विजय के आवास पहुंचे।

TVK कार्यकर्ता सुरेश ने कहा, ”अगर विजय को मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं दिया गया तो भविष्य में और बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे।” बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। वे राज्यपाल से विजय को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की मांग कर रहे थे।