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कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु में बंद, स्टालिन-कनिमोई सहित कई द्रमुक नेता हिरासत में

बंद से तमिलनाडु में केंद्र एवं राज्य सरकारों के कार्यालयों में कामकाज प्रभावित नहीं हुआ और वे खुले रहे। राज्य परिवहन निगम द्वारा संचालित बसों के अलावा ट्रेनें सामान्य रूप से चल रही हैं।

Author चेन्नई | Updated: September 16, 2016 10:04 PM
सुप्रीम कोर्ट के कर्नाटक सरकार को कावेरी नदी से जल छोड़ने के आदेश के खिलाफ बेंगलुरु में भड़की हिंसा में जलकर खाक हुई लॉरी। उसके आगे सफाई करती नगर निगम की एक महिला कर्मचारी। (REUTERS/Abhishek N. Chinnappa/14 Sep, 2016/File)

कावेरी मुद्दे पर किसानों और व्यापारियों के संगठनों द्वारा तमिलनाडु में आहूत दिनभर का बंद शुक्रवार (16 सितंबर) को शांतिपूर्ण बीत गया। हालांकि द्रमुक नेता एम के स्टालिन एवं कनिमोई समेत कई विपक्षी नेताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए गिरफ्तारी दी। शुक्रवार को दिन में विपक्षी पार्टियों सहित बंद समर्थकों द्वारा प्रदर्शन, ट्रेन रोकने और सड़क जाम करने के प्रयास किए गए। डिंडिगुल स्टेशन पर वैगई एक्सप्रेस को रोकने के प्रयास को पुलिस ने विफल कर दिया। पुलिस ने कहा कि इस बंद के समर्थन में पूरे तमिलनाडु में ज्यादातर दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। कर्नाटक में तमिलों को निशाना बनाने की घटनाओं के विरोध और इस अंतरराज्यीय नदी जल विवाद के दीर्घकालीन समाधान की मांग करते हुए प्रदर्शन किए गए

तमिलनाडु में शाम 6 बजे तक रेस्तरां, दुकानें और पेट्रोल पंप बंद रहने से आम लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि इस बंद का राज्य और केन्द्र सरकार के कार्यालयों, इनके उपक्रमों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के कामकाज पर असर नहीं पड़ा। फिर भी इनमें से कइयों में मामूली उपस्थिति दर्ज की गई। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल व कॉलेज खुले रहे, भले ही वहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही। राज्य परिवहन निगम की बसें, ट्रेनें आम दिनों की तरह चलीं, जबकि ज्यादातर आटोरिक्शा, टैक्सियां, निजी ट्रक और वाणिज्यिक माल ढुलाई वाहन सड़कों से दूर रहे। इस बंद के दौरान सिनेमाघर बंद रहे और फिल्मों की शूटिंग भी निलंबित रही।

द्रमुक के कोषाध्यक्ष स्टालिन ने चेन्नई में राजारत्नम स्टेडियम से एग्मोर रेलवे स्टेशन तक एक रैली का नेतृत्व किया। पुलिस ने स्टालिन को पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ उस वक्त हिरासत में ले लिया जब वे रेल रोको आंदोलन शुरू करने का प्रयास करने के दौरान रेलवे टर्मिनल के सामने बैठ गए। उन्होंने संवाददताओं को बताया कि यदि जयललिता कावेरी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मिलती हैं तो उनकी पार्टी मुख्यमंत्री का समर्थन करेगी। उन्होंने जयललिता पर इस मुद्दे पर ‘केवल पत्र लिखने’ का भी आरोप लगाया। द्रमुक की राज्यसभा सांसद कनिमोई ने पार्टी समर्थकों के साथ अन्ना सलाई में सड़क बाधित किया और उनके साथ उनके कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।

उन्होंने कहा कि केन्द्र कावेरी मुद्दे से ‘दूर नहीं’ रह सकता है। तमिलों और कर्नाटक में उनकी संपत्तियों की रक्षा करने के लिए पहले प्रयास किए जाने चाहिए थे। इस बंद को देखते हुए चेन्नई में करीब 15,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सहित हजारों कर्मियों के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने वाली पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिए गए नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़ा जा रहा है। इस बीच, पुलिस ने बताया कि कावेरी विवाद को लेकर गुरुवार को खुद को आग लगाने वाले युवक की बुरी तरह झुलस जाने के कारण मौत हो गई। नाम तमिझार काची का कार्यकर्ता यह युवक 90 प्रतिशत तक झुलस गया था और उसकी आज (शुक्रवार, 16 सितंबर) सुबह मौत हो गई।

एमडीएमके महासचिव र्वाको और वीसीके प्रमुख टी तिरुमवलवन को पुलिस ने तिरुचिरापल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एक ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, तभी पुलिस द्वारा इन्हें हिरासत में ले लिया गया। वाइको ने कहा, ‘हमारी मांग है कि केन्द्र कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करे।’ कावेरी अधिकरण के फैसले के मुताबिक पूर्ण मात्रा में पानी जारी किया जाना चाहिए।
तिरुमवलवन ने कर्नाटक में तमिल लोगों के साथ व्यापक हिंसा, उनके वाहनों को निशाना बनाए जाने और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की निंदा की। कार के एक शोरूम पर पथराव किए जाने की घटना प्रकाश में आई है। पुलिस ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। इस बीच, गुरुवार को आईओसीएल के एक कार्यालय पर पथराव के लिए आज (शुक्रवार, 16 सितंबर) चार लोगों को हिरासत में लिया गया।

कोयंबटूर, तिरच्च्पुर और नीलगिरी जिलों में बंद के मद्देनजर कई प्रतिष्ठान बंद रहे, जिसके कारण जन जीवन प्रभावित हुआ। सेलम, मेट्टुपलयम और पोल्लची में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। खबरों के अनुसार शहर के भीतर और आस पास करीब 20,000 लघु एवं मध्यम स्तर की इकाइयां और कपड़ा उद्योग के केंद्र तिरुपुर में कपड़े की 30,000 से अधिक फैक्ट्रियां भी बंद रहीं। कोयंबटूर में द्रमुक एवं एमडीएमके समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और किसान संघों के वरिष्ठ नेताओं को रेलवे स्टेशन के निकट रेल रोकने और रास्ता बाधित करने की कोशिश करने पर गिरफ्तार किया गया। मदुरै से एक रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिणी और मध्य जिलों में इस बंद का कोई खास असर नहीं रहा। हालांकि दुकानें, सिनेमाघर, होटल, निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। पुडुचेरी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बस टर्मिनल के बाहर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का पुतला जलाया और पुलिस ने आग को काबू में किया।

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