तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में फर्जी मतदान करने के आरोप में पुलिस ने करीब 25 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन सभी ने फर्जी तरीके से मतदान के लिए दस्तावेज हासिल किए थे। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों को आव्रजन ब्यूरो के अधिकारियों ने रोका और बाद में स्थानीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मतदाताओं द्वारा मतदान करने के बाद उनकी उंगली पर लगाई जाने वाली चुनावी स्याही उनकी तर्जनी उंगलियों पर पाई जाने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया। तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में हुआ था और मतगणना 4 मई को हुई थी। जबकि राज्य को नया मुख्यमंत्री 10 मई को मिला।

आरोपियों के खिलाफ कानूनी एक्शन शुरू

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इसमें ब्रिटिश और कनाडाई नागरिक भी शामिल थे, लेकिन सबसे ज्यादा (7) श्रीलंका के नागरिक थे।

कुछ विदेशी नागरिकों द्वारा फर्जी पहचान के आधार पर मतदान करने के बाद देश से भागने की कोशिश करने की खुफिया जानकारी के आधार पर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने चेन्नई, मदुरै और अन्य हवाई अड्डों पर अधिकारियों को सतर्क किया। जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया।

चुनाव परिणामों पर प्रभाव?

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, जब एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया कि क्या फर्जी मतदाताओं का तमिलनाडु में चुनाव परिणामों पर असर पड़ा? तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मतदान से पहले भारत आए और अभी तक वापस नहीं गए विदेशी नागरिकों के विवरण का विश्लेषण करने के लिए जांच चल रही है।

‘2500 का वादा, 1000 भी नहीं?’ टीवीके सरकार पर भड़के एमके स्टालिन, सीएम विजय ने कहा- जल्द जारी होगी किस्त

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने ऐलान किया है कि महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘कलईगनार मगलीर उरिमाई थोगई’ (कलईगनार महिला अधिकार सहायता योजना) योजना की मई महीने की किस्त जल्द जारी की जाएगी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। पढ़ें पूरी खबर।