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तमिलनाडु चुनाव में पर्दे के पीछे PK बनाम SMS: स्टालिन कैंप से लॉटरी किंग बाहर तो ईपीएस की टीम में पूर्व खुफिया अफसर

यही नहीं, स्टालिन के पास करुणानिधि के दौर की एक पारंपरिक सियासी टीम भी है, जिनमें त्रिची से वरिष्ठ नेता केएन नेहरू (जिन्होंने DMK की ओर से सीट बंटवारे पर हुई बैठकों की अध्यक्षता की थी), पूर्व केंद्रीय मंत्री टीआर बालू और ए राजा के साथ पार्टी नेता दुरइमुरुगन शामिल हैं।

Edited By अभिषेक गुप्ता चेन्नई | Updated: March 28, 2021 11:56 AM
तमिलनाडु चुनावः एमके स्टालिन और ई पलानीस्वामी। (फाइल फोटो)

तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में जगजाहिर जंग जहां मुख्यमंत्री व AIADMK नेता ई पलास्वामी (ईपीएस) और DMK के एमके स्टालिन के बीच नजर आ रही है, वहीं पर्दे के पीछे की लड़ाई चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) और एक अन्य सियासी स्ट्रेटैजिस्ट सुनील के बीच है। वहीं, स्टालिन की टीम से इस बार ‘लॉटरी किंग’ को बाहर का रास्ता दिखा गया है, जबकि ईपीएस की टीम में पूर्व खुफिया अफसर को जगह दी गई है।

दरअसल, पिछले चुनाव में लॉटरी किंग के नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन और राजशंकर ने स्टालिन के चुनाव प्रचार अभियान के लिए संसाधन जुटाए थे। राजशंकर, कारोबारी हैं जिन पर पूर्व में रही DMK सरकार के दौरान जमीन हड़पने के आरोप लगे थे। वहीं, मार्टिन इस बार स्टालिन के खेमे से बाहर हैं। राजशंकर और स्टालिन के दामाद सबरीसन अब उनके मुख्य लोग माने जा रहे हैं। उनकी चुनावी टीम में एसएनजे डिस्टिलरी के कारोबारी एसएन जयमुरुगन, डीएमके नेता एस जगथरक्षकन व ईवी वेलु (आयकर विभाग ने छापेमारी में उनके ठिकानों से बीते हफ्ते ही 3.5 करोड़ रुपए सीज किए हैं)।

यही नहीं, स्टालिन के पास करुणानिधि के दौर की एक पारंपरिक सियासी टीम भी है, जिनमें त्रिची से वरिष्ठ नेता केएन नेहरू (जिन्होंने DMK की ओर से सीट बंटवारे पर हुई बैठकों की अध्यक्षता की थी), पूर्व केंद्रीय मंत्री टीआर बालू और ए राजा के साथ पार्टी नेता दुरइमुरुगन शामिल हैं।

डीएमके किशोर की भी सेवाएं ले रही है, जो कि आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) संस्था के सर्वेसर्वा हैं। वहीं, चुनाव के लिए ईपीएस के मुख्य सलाहकार के सुनील हैं, जो कि पूर्व में किशोर-स्टालिन और बीजेपी नेतृत्व के साथ काम कर चुके हैं और वह भी चुनावी रणनीतिकार हैं। ईपीएस के अधिकतर रोड शो स्थानीय नेता आयोजित करते हैं, पर स्टालिन के चुनावी कैंपेनर्स के पास आई-पैक की वर्दीधारी टुकड़ी है।

आई-पैक के होने के बावजूद स्टालिन उम्मीदवारों को चुनने के मामले में अपने अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हर सीट के लिए वह आई-पैक और अपनी पार्टी के जिला सचिवों से तीन नाम मांगते हैं। इसके बाद वह समानांतर सूची पर भी काम करते हैं। एक डीएमके नेता ने बताया, सभी तीन सूचियों में जगह पाने वालों को टिकट दिया जाता है।

अगर स्टालिन खेम में पार्टी का नेतृत्व के साथ सहयोग करने वाले सबरीसन हैं, तो ईपीएस के कैंप में ‘एमएसएस’ (चुनावी रणनीतिकार सुनील), ईपीएस के बेटे मिथुन कुमार और केएन सत्यमूर्ति, तमिलनाडु पुलिस में पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख हैं। ईपीएस के करीबी सहयोगी आर इलनगोवन हैं, जो कि तमिलनाडु स्टेट कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन हैं।

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